सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ़्ती की अपील, हुती मिलिशिया के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ें गठबंधन सेना.

सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ़्ती और सीनियर विद्वानों की परिषद के अध्यक्ष शेख़ सालेह अल-फ़वज़ान ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने सीमा पर तैनात सऊदी सैनिकों और गठबंधन सेना से कहा है कि वे हुती समूह के हमलों का जवाब देने के लिए पूरी तरह एकजुट रहें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मुश्किल काम में धैर्य और दृढ़ता बनाए रखना बहुत ज़रूरी है ताकि देश की रक्षा पूरी मज़बूती से की जा सके।
हुती मिलिशिया पर तीखा हमला
शेख़ अल-फ़वज़ान ने हुती मिलिशिया को बुराई का समूह बताया और कहा कि इनकी सोच बहुत भ्रष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समूह लोगों के बीच झगड़े पैदा कर रहा है और समाज को बांटने का काम कर रहा है। उनके मुताबिक, इस समूह ने पैगंबर के साथियों को गलत ठहराया है, मुसलमानों के ख़ून को बहाना आम कर दिया है और कई पवित्र मस्जिदों को भी नुकसान पहुंचाया है। उनका यह भी कहना था कि यमन में वहां की वैध सरकार के तहत शांति और सुरक्षा वापस लाना बहुत ज़रूरी है ताकि वहां के आम लोग चैन की ज़िंदगी जी सकें।
बॉर्डर की रक्षा करना सबसे बड़ा धर्म
सऊदी अरब दुनिया भर के मुसलमानों के लिए पवित्र स्थान यानी दो पवित्र मस्जिदों का संरक्षक है। इसे याद दिलाते हुए ग्रैंड मुफ़्ती ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करना और हर तरह के हमले को रोकना भगवान की बहुत बड़ी इबादत के बराबर है। उन्होंने बॉर्डर पर तैनात सभी सैनिकों से कहा कि वे अपने अफसरों की बात सुनें और उनके आदेशों का पूरी सावधानी के साथ पालन करें। उन्होंने गठबंधन सेना के इस नेक काम की तारीफ की और सभी से मिलकर काम करने की अपील की।
अपने बयान के अंत में उन्होंने सऊदी अरब और यमन की सुरक्षा के लिए दुआ मांगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हुती समूह और उनका साथ देने वाले लोगों का पूरी तरह से सफाया होना चाहिए ताकि इलाके में फिर से शांति कायम हो सके।