सऊदी अरब और ग्रीस ने व्यापार और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को किया मजबूत

सऊदी अरब और ग्रीस ने व्यापार, सुरक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया है।

Nura Basta25 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब और ग्रीस ने व्यापार और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को किया मजबूत

रियाद: सऊदी अरब और ग्रीस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर यह कदम उठाया गया है। इस समझौते का मुख्य लक्ष्य आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना है।

आर्थिक लक्ष्यों की बात करें तो दोनों देशों ने उम्मीद जताई है कि साल 2025 तक उनके बीच व्यापार का वॉल्यूम 1.7 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। ग्रीस ने वैश्विक तेल बाजारों को स्थिर रखने में सऊदी अरब की भूमिका की तारीफ की है। साथ ही ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के सऊदी प्रयासों को भी सराहा गया है।

ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश सऊदी अरब को यूरोपीय ग्रिड से जोड़ने के लिए इलेक्ट्रिकल इंटरकनेक्शन प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा सऊदी अरब से ग्रीस और यूरोपीय संघ को क्लीन हाइड्रोजन निर्यात करने पर भी चर्चा चल रही है।

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सुरक्षा और रक्षा सहयोग को प्राथमिकता देते हुए दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति के प्रवाह को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है। वे आतंकवाद, उग्रवाद और उनके वित्तपोषण के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए साइबर सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करने और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी है।

आर्थिक विस्तार के लिए ग्रीक कंपनियों को सऊदी अरब में क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित करने और बड़ी परियोजनाओं में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। दोनों देश एक्सपो रियाद 2030 और 2034 विश्व कप से जुड़ी निवेश संभावनाओं को भी तलाश रहे हैं।

डिजिटल कनेक्टिविटी सुधारने के लिए ईएमसी केबल सबमरीन प्रोजेक्ट जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, सिविल एविएशन और उन्नत उद्योगों में सहयोग बढ़ाने की योजना है।

दोनों देशों के बीच पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, लॉजिस्टिक्स और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी का विस्तार किया जाएगा। साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।

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