सऊदी अरब के नजरान में हेलीकॉप्टर हादसे में दो सैनिकों की मौत और खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों में लगी आग

रियाद: सऊदी अरब के नजरान इलाके में नेशनल गार्ड का एक AH-6i टोही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में विमान में सवार दोनों क्रू सदस्यों की मौत हो गई है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह दुर्घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई।
इस घटना से पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया था कि उनकी सेना ने सीमा के पास सऊदी अरब के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। हालांकि, मेजर जनरल अल-मल्की ने हूती प्रवक्ता के इस दावे को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है।
क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि रियाद और पूर्वी प्रांत के ऊपर कई मानवरहित हवाई वाहनों (ड्रोन) को रोका गया। साथ ही खमीस मुशैत को निशाना बनाकर दो बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गईं। सऊदी सिविल डिफेंस ने 17 और 18 अक्टूबर की दरमियानी रात रियाद के निवासियों को हवाई खतरे की चेतावनी जारी कर अलर्ट पर रखा था।
दूसरी तरफ याह्या सारी ने आरोप लगाया कि ये हमले पिछले 24 घंटों में सना और छह अन्य प्रांतों में किए गए 53 सऊदी हवाई हमलों का जवाब हैं।
समुद्री सुरक्षा की बात करें तो ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि 17 अक्टूबर को दो तेल टैंकर समुद्री सुरंगों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इन जहाजों में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल था और वे बिना अनुमति के गलत रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। ओमान की खाड़ी में भी एक अन्य टैंकर में आग लगने की खबर है।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सऊदी तट के पास एक जहाज पर अज्ञात मिसाइल हमले और एक अन्य टैंकर पर छोटी नाव से आरपीजी हमले की जानकारी दी है। यूकेएमटीओ ने पुष्टि की है कि अक्टूबर महीने में समुद्री हमलों की संख्या सबसे ज्यादा रही है।
इस अस्थिर माहौल के कारण प्रवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारत ने अपने नागरिकों की मदद के लिए मक्का में एक अतिरिक्त कंट्रोल रूम और इंडियन हज पिलग्रिम्स ऑफिस में सहायता डेस्क बनाया है। एयर इंडिया और एआई एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन बढ़ा दिया है।
विदेशी दूतावासों ने इस क्षेत्र की यात्रा न करने की सलाह दी है, जबकि अमेरिकी विदेश विभाग ने यमन सीमा के पास यात्रा करने वाले अपने कर्मचारियों के लिए विशेष अनुमति अनिवार्य कर दी है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान राजनीतिक समाधान का समर्थन करता है। इसके बावजूद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि बिना ईरानी अनुमति के होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा और नेविगेशन सिस्टम बंद करने वाले जहाजों को दुश्मन माना जाएगा।