सऊदी गठबंधन ने यमन की राजधानी सना पर किए हवाई हमले, जवाब में हूतियों ने सऊदी अरब के अंदरूनी इलाकों को निशाना बनाया
सऊदी गठबंधन ने सना पर हवाई हमले किए, वहीं हूतियों ने रियाद और दम्माम में सऊदी ठिकानों को निशाना बनाया।

सना (यमन): सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन और हूती विद्रोहियों के बीच जंग एक बार फिर तेज हो गई है। 23 अक्टूबर 2026 को सऊदी गठबंधन ने यमन की राजधानी सना समेत कई अन्य प्रांतों पर जोरदार हवाई हमले किए, जिसके जवाब में हूती बलों ने सऊदी अरब के अंदरूनी इलाकों में सैन्य ऑपरेशन चलाए हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारे ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी युद्धक विमानों ने यमन में कुल 62 हवाई हमले किए। इनमें सना के निहम जिले में हुए एक हमले में तीन नागरिकों की मौत हो गई और एक ही परिवार के नौ लोग घायल हो गए। वहीं ताइज़ के अल-ज़ाज़ि में हुए हमले में एक नागरिक की जान गई और दो नाबालिगों समेत चार लोग घायल हुए हैं।
इसके अलावा गठबंधन ने बाजिल, हरफ सूफ्यान, बनी सुरायम और अल-जौफ में अल-हज़म वाटर कॉर्पोरेशन की इमारत को भी निशाना बनाया। सादा के बाकिम और मुनब्बिह सीमावर्ती जिलों में सऊदी गोलाबारी में दो स्थानीय नागरिकों और एक अफ्रीकी प्रवासी के घायल होने की खबर है।
जवाब में ब्रिगेडियर जनरल याहिया सारे ने दावा किया कि यमनी सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब के भीतर चार बड़े सैन्य ऑपरेशन किए। इन हमलों में रियाद स्थित सऊदी रक्षा मंत्रालय, दम्माम का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यनबू में अरामको की सुविधाएं और अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। सारे ने इसे 'ब्लॉकेड के बदले ब्लॉकेड' की नीति बताया और चेतावनी दी कि अगर सऊदी बलों ने यमनी कबीलों को निशाना बनाया तो इसके नतीजे विनाशकारी होंगे।
दूसरी तरफ गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की कि 23 अक्टूबर को सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने 11 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया। ये मिसाइलें और ड्रोन रियाद, मदीना, पूर्वी प्रांत और नजरान के पास नष्ट किए गए।
इस युद्ध की वजह से मानवीय संकट गहराता जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 7 जून से 19 अक्टूबर 2026 के बीच 2,58,679 लोग विस्थापित हुए हैं। अगस्त के बाद से अब तक कम से कम 1,574 लोगों की मौत हो चुकी है और 6,939 लोग घायल हुए हैं।
यूरोपीय संघ की तैयारी और संकट प्रबंधन आयुक्त हजा लहाबिब ने नागरिकों की सुरक्षा की अपील की है और यमन के लिए 22.5 मिलियन यूरो की अतिरिक्त मानवीय सहायता देने की घोषणा की है।
सैन्य खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के सेंट्रल कमांड के जरिए इजरायल सऊदी अरब के साथ रणनीतिक डेटा साझा कर रहा है। अमेरिका ने इस क्षेत्र में 200 सैन्य और खुफिया सलाहकार तैनात किए हैं। वहीं मक्का रक्षा समझौते के बावजूद तुर्की ने अपनी भूमिका केवल प्रशिक्षण और सलाहकार स्तर तक सीमित रखी है।