Saudi पर हूती का हमला, तुर्की और पाकिस्तान के साथ मिलकर बनाया नया रक्षा समझौता.

सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार की सुबह तड़के मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया। सऊदी के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने रियाद और दक्षिणी शहरों को निशाना बनाने वाले इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। इस घटना के बाद से सऊदी अरब और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि आम लोगों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
नया रक्षा समझौता हुआ एक्टिव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बड़े सैन्य अधिकारी राजधानी रियाद में इकट्ठा हुए थे। इन तीनों देशों के बीच पिछले महीने मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर साइन हुआ था। इस समझौते के तहत यह तय किया गया है कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्की के जनरल सेलकुच बायराक्तारोग्लु ने क्षेत्रीय दुश्मनों से मिलकर मुकाबला करने का संकल्प लिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या चल रहा है
दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के बाद फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि हूती विद्रोहियों की हरकतों से तेहरान का कोई लेना-देना नहीं है और वे अपने फैसलों के खुद जिम्मेदार हैं। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को एक नक्शा शेयर किया जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को 'ट्रम्प स्ट्रेट' नाम दिया गया। उन्होंने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया जिसमें जलमार्ग को फिर से खोलने के बदले तेल प्रतिबंध हटाने की बात कही गई थी।
रेड सी एनर्जी कॉरिडोर पर खतरा
इस ताजा तनाव की वजह से रेड सी एनर्जी कॉरिडोर पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यह समुद्री रास्ता सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए बहुत जरूरी है, खासकर तब जब होर्मुज जलमार्ग पर पाबंदियां लगी हुई हैं। हूती विद्रोही लगातार रेड सी के तटों और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं। सऊदी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इन नियमों और सुरक्षा के उल्लंघनों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। आने वाले 48 घंटों में तुर्की और पाकिस्तान के साथ हुआ यह नया रक्षा समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखने में एक अहम भूमिका निभाएगा।