सऊदी अरब में बड़ी राहत: अब हु़रूब स्टेटस वाले प्रवासी श्रमिक भी आसानी से बदल सकेंगे नौकरी

Gautam Sahu1 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब में बड़ी राहत: अब हु़रूब स्टेटस वाले प्रवासी श्रमिक भी आसानी से बदल सकेंगे नौकरी

सऊदी अरब में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब 'हु़रूब' (Huroob) यानी 'अनुपस्थित' घोषित किए गए श्रमिक भी अपना नियोक्ता (Employer) बदल सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल प्लेटफॉर्म 'Qiwa' के माध्यम से संभव होगी।

क्या है नया नियम और किसे मिलेगा फायदा?

अक्सर देखा जाता है कि यदि कोई कर्मचारी बिना बताए काम से गायब हो जाता है, तो उसे 'हु़रूब' स्टेटस दे दिया जाता है, जिससे उसकी कानूनी स्थिति कठिन हो जाती थी। लेकिन नए बदलाव के बाद, वे श्रमिक जिनका स्टेटस एब्सेंस रिपोर्ट, वर्क इंटरप्शन रिपोर्ट या कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के कारण बदला गया है, वे अब नई कंपनी में ट्रांसफर ले सकते हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें अनिवार्य हैं:

  • श्रमिक का सऊदी अरब में कम से कम 12 महीने का निवास होना आवश्यक है।
  • नए नियोक्ता (New Employer) को श्रमिक के वर्क परमिट से जुड़ी सभी बकाया फीस जमा करनी होगी।
  • यह पूरी प्रक्रिया केवल Qiwa प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल रूप से होगी; कागजी दस्तावेजों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कंपनियों के लिए क्या हैं नियम?

नया नियोक्ता चुनने की प्रक्रिया में कंपनियों के लिए भी कुछ दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। यदि कोई कंपनी नया वर्क परमिट जारी करना चाहती है, तो उसे पिछले आठ हफ्तों से 'रेड कैटेगरी' में नहीं होना चाहिए। हालांकि, जो कंपनियां बिल्कुल नई स्थापित हुई हैं, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है।

इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों के लिए भी विशेष निर्देश हैं। यदि कोई सरकारी कर्मचारी Qiwa के माध्यम से नया अनुबंध बनाना चाहता है, तो उसे पहले 'Masar' प्लेटफॉर्म के जरिए अपने पिछले सरकारी पंजीकरण को आधिकारिक रूप से बंद करना होगा।

विवादों का समाधान कैसे होगा?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हालांकि Qiwa प्लेटफॉर्म नौकरी बदलने की सुविधा देता है, लेकिन यह रोजगार से जुड़े कानूनी विवादों को सुलझाने का अधिकार नहीं रखता। यदि कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच किसी अनुबंध को लेकर कोई विवाद होता है, तो उसे MHRSD की 'अमैकेबल सेटलमेंट सर्विस' (Amicable Settlement Service) या लेबर कोर्ट के माध्यम से ही हल किया जाना चाहिए।

श्रमिक अपनी वर्तमान स्थिति की जांच Absher और Muqeem प्लेटफॉर्म के जरिए कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि जो लोग 'वापस नहीं आए' या 'फाइनल एग्जिट' स्टेटस पर हैं, उन्हें संस्थान के रिकॉर्ड से हटाया जा सकता है।

Share:

Comments

Leave a comment