मदीना की ओर आई क्रूज़ मिसाइल सऊदी ने रोकी, हूती ने इनकार किया

सऊदी अरब: सऊदी अरब क्रूज़ मिसाइल के एक और हमले की कोशिश को नाकाम करने का दावा कर रहा है। गठबंधन बलों के मुताबिक गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मदीना क्षेत्र की ओर भेजी गई एक क्रूज़ मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया गया। हूती विद्रोहियों ने इस हमले में अपनी किसी भूमिका से साफ इनकार किया है।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने मिसाइल को रोके जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस घटना में न तो किसी की जान गई और न ही किसी संपत्ति को नुकसान हुआ। वहीं हूती ने गठबंधन के आरोप को "बेशर्म और खुलेआम झूठ" बताया और कहा कि उसने सऊदी अरब की धरती पर कोई हमला नहीं किया।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है। इसी दिन पहले पूर्वी प्रांत के ऊपर एक ड्रोन को नष्ट किए जाने की खबर भी आई थी। रियाद में हाल के हमलों के मलबे से कुछ लोग घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। दहरान में सऊदी अरामको के कार्यकारी मुख्यालय में भी आग से बड़ा नुकसान होने की बात सामने आई है।
रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 10 अक्टूबर के एक घातक हमले के बाद कम से कम 17 अक्टूबर तक बंद रखा गया है। उस हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मरने और घायल होने वालों में बांग्लादेश, भारत और पाकिस्तान के प्रवासी कामगार शामिल थे, साथ ही मक्का की ओर जा रहे तीर्थयात्री भी थे।
इन हालात का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है। यूएई और कतर समेत कई जगहों पर उड़ानें रद्द हुईं या उनके रूट बदले गए। बहुत से यात्री अब बहरीन के रास्ते सफर कर रहे हैं। हूती ने आम नागरिकों और कामगारों से हवाई अड्डों और तेल ढांचे से दूर रहने की चेतावनी भी दी है।
हूती ने पहले कहा था कि वे मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों पर हमला नहीं करेंगे। लेकिन सितंबर में पैगंबर की मस्जिद को बिजली आपूर्ति करने वाले एक बिजलीघर पर ड्रोन हमले की खबर आई थी, जिससे संकेत मिलता है कि उनके निशाने बदल सकते हैं। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग नजरान और जीजान सहित कई इलाकों में खतरों पर नजर रख रहा है।