सऊदी अरब ने रियाद की ओर दागी गई हूती मिसाइल को हवा में ही रोका और ड्रोन हमलों को भी किया नाकाम
सऊदी गठबंधन ने रियाद की तरफ दागी गई हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया। अक्टूबर में हमलों से कई लोग जान गंवा चुके हैं।

रियाद: सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बलों ने शुक्रवार तड़के रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया। यह घटना 23 अक्टूबर 2026 को स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे हुई, जिसके बाद राजधानी में जोरदार धमाके सुनाई दिए और निवासियों के मोबाइल फोन पर अलर्ट मैसेज आए।
इससे पहले उसी दिन रात करीब 1 बजे सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने राज्य के दक्षिणी क्षेत्र को निशाना बनाने वाले दो ड्रोन हमलों को भी नाकाम किया था। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इन कार्रवाइयों की पुष्टि करते हुए इन हमलों के लिए आतंकवादी हूती मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है।
अक्टूबर 2026 के दौरान तनाव काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने हूतियों ने सऊदी अरब के इलाकों में अब तक कम से कम 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 60 से ज्यादा सशस्त्र ड्रोन दागे हैं। इन हमलों के निशाने पर रियाद के अलावा खमिस मुशयत, नजरान, पूर्वी प्रांत और मदीना क्षेत्र रहे हैं। मदीना में 15 अक्टूबर को एक क्रूज मिसाइल को रोका गया था।
गठबंधन की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में हुए इन हमलों में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 374 लोग घायल हुए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा नुकसान 7 से 11 अक्टूबर के बीच रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ, जहां 18 लोगों की जान गई और 333 से अधिक घायल हुए।
सबसे घातक हमला 10 अक्टूबर को हुआ था, जब एक बैलिस्टिक मिसाइल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और 4 के बीच गिरी थी। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो मौतें और 28 लोग घायल हुए, जबकि दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरामको की शैबा तेल सुविधाओं पर हुए हमलों में दो-दो लोगों की जान गई।