सऊदी अरब ने रियाद और खामिस मुशैत की ओर दागी गई तीन हूती मिसाइलें मार गिराईं
सऊदी गठबंधन ने रियाद और खामिस मुशैत की ओर दागी गई हूती मिसाइलों को नष्ट किया और यमन में जवाबी हमले किए।

रियाद: यमन में वैधता बहाल करने के लिए काम कर रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि इनमें से दो मिसाइलें राजधानी रियाद की तरफ भेजी गई थीं, जबकि तीसरी मिसाइल असिर क्षेत्र के खामिस मुशैत शहर का निशाना बनाई गई थी।
सीमा पार हमलों का यह सिलसिला पिछले कुछ दिनों से काफी तेज हो गया है। इससे पहले 26 अक्टूबर को भी सऊदी हवाई रक्षा प्रणाली ने रियाद की ओर आने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को नाकाम किया था। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारे ने रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और क्षेत्रीय तेल पंपिंग स्टेशनों पर हमले की जिम्मेदारी ली थी।
हमलों का सिलसिला 25 अक्टूबर को भी देखा गया, जब गठबंधन बलों ने दक्षिण सऊदी अरब की ओर दागी गई 10 बैलिस्टिक और एक क्रूज मिसाइल को रोका था। इनमें खामिस मुशैत और अहद रफिदाह जैसे इलाके शामिल थे। मिसाइलों के मलबे गिरने से दो लोग घायल हुए और रिहायशी इमारतों व वाहनों को नुकसान पहुंचा।
बढ़ते तनाव के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूती नियंत्रित इलाकों में सैन्य अभियान चलाया। इस कार्रवाई में पांच सुरंगों, चार बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों और एक बड़े मिसाइल स्टोरेज सेंटर को तबाह कर दिया गया। मेजर जनरल अल-मलिकी ने कहा कि ये ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत हूती मिसाइल नेटवर्क को खत्म करने के लिए किए गए हैं।
रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन आंशिक रूप से फिर से शुरू हो गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को हुए एक हमले में 13 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, लगातार बने खतरे की वजह से उड़ानों के शेड्यूल में अब भी बदलाव हो रहे हैं।
इस बीच तनाव कम करने के लिए राजनयिक कोशिशें जारी हैं और ईरान, पाकिस्तान व तुर्की के अधिकारी तेहरान में बैठक कर रहे हैं। दूसरी ओर, मिस्र की संसद ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन को सैन्य सहायता देने की मंजूरी दे दी है।