सऊदी अरब ने मक्का और मदीना की तरफ दागी गई हूती मिलिशिया की बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोका
सऊदी अरब ने मक्का और मदीना की ओर दागी गई हूती मिसाइलों को रोका। मलबे से कोई नुकसान नहीं हुआ है।

रियाद: सऊदी अरब ने शनिवार को यमन की हूती मिलिशिया द्वारा मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। सऊदी सिविल डिफेंस ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मिसाइलों को नाकाम करने के बाद उनका मलबा मक्का के बाहर स्थित वादी अल-मुगम्मस घाटी में गिरा।
मिसाइलों के टूटने से निकला मलबा जेद्दा के अल-नुजहा इलाके, ताइफ की वादी जलील और रबीघ के मस्तुरा क्षेत्र में भी गिरा। सिविल डिफेंस के मुताबिक, इन इलाकों में मलबा गिरने से किसी भी तरह की जान-माल की हानि या भौतिक नुकसान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि घटनाओं से निपटने के लिए सभी तय इमरजेंसी प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने जानकारी दी कि ताइफ और यनबू की ओर आने वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा, रियाद की तरफ आ रही एक तीसरी मिसाइल और पूर्वी प्रांत के ऊपर एक ड्रोन को भी नाकाम किया गया।
हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि उनके समूह ने यनबू में सऊदी अरामको सुविधा, रबीघ में एक रिफाइनरी, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नजरान के एक हवाई अड्डे और खामिस मुशैत के एयरबेस सहित कई सऊदी ठिकानों को निशाना बनाया।
सऊदी अधिकारियों ने मक्का, जेद्दा, ताइफ और यनबू के लिए संक्षिप्त सुरक्षा अलर्ट जारी किए थे, जिन्हें बाद में हटा लिया गया। यह घटना 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद सापेक्ष शांति के दौर के बीच सैन्य तनाव में बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाती है।