Saudi Jawazat Update: सऊदी अरब में घरेलू कामगारों का इqama बनवाने में देरी पर लगेगा 500 रियाल जुर्माना, जानें नए नियम.

Praggya Singh sabal5 September 20263 min read44 viewsSaudi
Saudi Jawazat Update: सऊदी अरब में घरेलू कामगारों का इqama बनवाने में देरी पर लगेगा 500 रियाल जुर्माना, जानें नए नियम.

सऊदी अरब की जनरल डायरेक्टरैट ऑफ पासपोर्ट्स यानी Jawazat ने घरेलू कामगारों के रेजिडेंट आइडेंटिटी कार्ड यानी Iqama को समय पर न बनवाने को लेकर सख्त स्पष्टीकरण जारी किया है। बहुत से नियोक्ता कामगारों के आने के बाद औपचारिकताएं पूरी करने में देरी कर देते हैं, जिससे उन्हें बाद में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाल ही में एक मामले की जांच के बाद विभाग ने साफ किया कि अगर किसी कामगार के देश में प्रवेश करने के 90 दिनों के भीतर इकामा नहीं बनवाया जाता है, तो नियोक्ता पर कुल 500 सऊदी रियाल (SAR) का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना हर एक देरी के मामले पर सिंगल चार्ज के रूप में लागू होता है। इस नियम से उन सभी प्रवासियों और भारतीय कामगारों को सतर्क हो जाना चाहिए जो सऊदी अरब में घरेलू ड्राइवर, कुक या अन्य घरेलू कामों के लिए जाते हैं ताकि उनके स्पॉन्सर को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से काम हुआ आसान

नियोक्ता अब बिना किसी परेशानी के Absher या Muqeem डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके इकामा जारी करने की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। शर्त यह है कि कामगार ने देश में आने के बाद अनिवार्य मेडिकल परीक्षा पास कर ली हो। सरकार ने परमिट मैनेजमेंट में और अधिक लचीलापन देते हुए जुलाई 2026 से एक नई सुविधा शुरू की है। इसके तहत नियोक्ता अब 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21 या 24 महीने की अवधि के लिए इकामा जारी या नवीनीकृत करवा सकते हैं। इस नए सिस्टम की मदद से तीन महीने के गुणा में परमिट जारी करने पर त्रैमासिक भुगतान करने की अनुमति मिलती है, जिससे स्पॉन्सर पर एक साथ पैसों का भारी दबाव नहीं पड़ता और वे आसानी से किस्तों में भुगतान कर पाते हैं।

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घरेलू कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा और कड़े नियम

सऊदी सरकार ने घरेलू कामगारों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए नियमों को बेहद सख्त बना दिया है। अक्टूबर 2025 से यह पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है कि कोई भी नियोक्ता रिक्रूटमेंट, वर्क परमिट, सर्विस ट्रांसफर या रेजिडेंसी फीस से जुड़ा कोई भी खर्च कामगार यानी कर्मचारी से वसूल सके। यदि कोई मालिक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे 20,000 SAR तक का भारी जुर्माना और तीन साल तक के लिए नए कामगारों की भर्ती पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है, तो जुर्माने की रकम दोगुनी कर दी जाएगी और रिक्रूटमेंट पर हमेशा के लिए रोक लगाई जा सकती है। इसके अलावा, 1 जनवरी 2026 से सभी घरेलू नियोक्ताओं के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे कामगारों का वेतन केवल आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक चैनलों के माध्यम से Musaned प्लेटफॉर्म के जरिए ही भेजें।

इलेक्ट्रॉनिक ऑथराइजेशन और सर्विसेज

कामगारों और नियोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए Jawazat ने अब Absher के जरिए इलेक्ट्रॉनिक ऑथराइजेशन पर इकामा प्रोसेसिंग सहित कुल 23 सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि अधिकृत व्यक्ति एक सक्रिय खाते वाला सऊदी नागरिक हो। इन तमाम डिजिटल बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश में रह रहे सभी प्रवासियों और घरेलू कामगारों की कानूनी स्थिति को पारदर्शी बनाना है। भारतीय कामगार जो सऊदी अरब में काम कर रहे हैं, वे इन नियमों की जानकारी अपने कफिल यानी स्पॉन्सर तक पहुंचा सकते हैं ताकि समय पर उनके दस्तावेज अपडेट होते रहें और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

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