सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय किडनी डायलिसिस प्रोजेक्ट के लिए 12 कंपनियों को किया योग्य घोषित

सऊदी अरब में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय केंद्र के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत किडनी रोग देखभाल और डायलिसिस सेवाओं से जुड़ी राष्ट्रीय परियोजना के लिए 12 प्रमुख कंपनियों और कंसोर्टियम (संघों) को योग्य मान लिया गया है। यह पहल देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए शुरू की गई है।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित है योजना
यह संपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना एक विशेष सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत संचालित की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत चुने गए भागीदारों को छह साल का अनुबंध सौंपा जाएगा। इसमें डायलिसिस और अन्य नैदानिक सेवाओं के संचालन के साथ-साथ उनका डिजाइन तैयार करना, वित्तीय व्यवस्था संभालना, कर्मचारियों का पुनर्नियोजन करना और निरंतर रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल होंगे।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य कम से कम 11,500 लाभार्थियों को एकीकृत और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करना है। यह कदम देश के हेल्थ सेक्टर ट्रांसफ़ॉर्मेशन प्रोग्राम और महत्वाकांक्षी Saudi Vision 2030 के लक्ष्यों के पूरी तरह अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल की स्थिरता और आम लोगों तक इसकी आसान पहुंच को सुनिश्चित करना है।
चयन प्रक्रिया और योग्य कंपनियों की सूची
इस बड़ी परियोजना के लिए योग्यता प्रक्रिया की शुरुआत रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित करने के साथ हुई थी, जो तय समयसीमा के भीतर पूरी हुई। अब इन योग्य कंपनियों और संघों को इस प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के अगले चरणों में आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है।
योग्य घोषित किए गए 12 प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:
- नेशनल मेडिकल केयर कंपनी और नेफ्रो टेक एलायंस
- डी. मेड सऊदी, एसएमसी और अल-सैदान एलायंस
- गल्फ मेडिकल कंपनी लिमिटेड और बी. ब्रौन एलायंस
- नेफ्रो प्लस और अल-फैसलियाह मेडिकल सिस्टम्स एलायंस
- वेगाओ और अनफास एलायंस
- बुर्जिल अरेबियन हेल्थकेयर कंपनी
- दाविता हेल्थकेयर कंपनी
- डावेरम एडवांस्ड मेडिकल सर्विसेज कंपनी लिमिटेड
- नेफ्रोकेयर सऊदी मेडिकल कंपनी
- यूएस रीनल केयर कंपनी
- डॉ. सुलेमान अल-हबीब ग्रुप
- अल-माना मेडिकल ग्रुप
इन सभी प्रतिष्ठित संस्थाओं के शामिल होने से परियोजना के तहत मिलने वाली डायलिसिस सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय नियमों और आवश्यकताओं के अनुसार अब ये कंपनियां टेंडर प्रक्रिया के अगले दौर में प्रतिस्पर्धा करेंगी।