भ्रष्टाचार पर प्रहार: सऊदी और कुवैत के अधिकारियों ने रियाद में मिलाया हाथ

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग को और मजबूत करने के लिए सऊदी अरब और कुवैत अब एक साथ मिलकर काम करेंगे। हाल ही में रियाद में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के भ्रष्टाचार विरोधी निकायों के प्रमुखों ने सीमा पार होने वाले वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
7 अक्टूबर, 2026 को सऊदी ओवरसाइट एंड एंटी-करप्शन अथॉरिटी (Nazaha) के अध्यक्ष माज़िन अल-कहमुस ने कुवैत भ्रष्टाचार विरोधी प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ. राना अल-फारिस और उनके प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि भ्रष्टाचार केवल एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है।
पारदर्शिता और अखंडता पर विशेष चर्चा
इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों ने अपने-अपने अनुभवों और कार्यप्रणालियों को साझा किया। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- संस्थागत पारदर्शिता: सरकारी संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर विचार-विमर्श हुआ।
- सीमा पार अपराध: ऐसे भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए साझा फ्रेमवर्क तैयार करना, जो एक देश से दूसरे देश तक फैले हों।
- अनुभवों का आदान-प्रदान: डॉ. राना अल-फारिस को सऊदी अरब की 'नज़ाहा' (Nazaha) द्वारा अपनाई गई सुरक्षा प्रणालियों और अखंडता बनाए रखने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।
- कुवैत की पहल: वहीं, माज़िन अल-कहमुस को कुवैत के भ्रष्टाचार विरोधी प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे वर्तमान अभियानों और उनकी कार्यशैली की जानकारी दी गई।
यह बैठक इस दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है कि खाड़ी क्षेत्र के देश अब प्रशासनिक शुचिता और आर्थिक ईमानदारी के लिए एक-दूसरे का समर्थन करेंगे, ताकि आम जनता का सरकारी तंत्र पर भरोसा और मजबूत हो सके।