सऊदी अरब और कुवैत ने मिलाया हाथ, मरुस्थलीकरण और जमीन की बर्बादी रोकने के लिए शुरू होंगे खास ट्रेनिंग प्रोग्राम.

Praggya Singh sabal6 September 20262 min read37 viewsSaudi
सऊदी अरब और कुवैत ने मिलाया हाथ, मरुस्थलीकरण और जमीन की बर्बादी रोकने के लिए शुरू होंगे खास ट्रेनिंग प्रोग्राम.

सऊदी अरब और कुवैत ने मिलकर पर्यावरण को बचाने के लिए एक नया कदम उठाया है। National Center for Vegetation Cover Development and Combating Desertification ने कुवैत के Environment Public Authority के साथ मिलकर सितंबर और अक्टूबर 2026 के दौरान ऑनलाइन वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेशन शुरू करने का फैसला किया है। यह कदम दोनों देशों के बीच पर्यावरण की सुरक्षा और उसे बेहतर बनाने के लिए हुए समझौते के तहत उठाया जा रहा है। इस पूरी ट्रेनिंग का मुख्य मकसद मरुस्थलीकरण को रोकना और खराब हो चुकी जमीन को फिर से उपजाऊ बनाना है।

पांच खास वर्कशॉप में तय होंगी नीतियां

इस पूरे प्रोग्राम के तहत कुल पांच विशेष वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इन सत्रों में मुख्य रूप से मरुस्थलीकरण से निपटने और जमीन के खराब होने की समस्या को हल करने के लिए नई रणनीतियां और नीतियां बनाई जाएंगी। इसके जरिए सही फैसले लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा ताकि प्राकृतिक पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र लंबे समय तक सुरक्षित रह सके। इन बैठकों में अधिकारी और विशेषज्ञ मिलकर चर्चा करेंगे कि कैसे बंजर हो रही जमीन को दोबारा ठीक किया जा सकता है और भविष्य के लिए योजनाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।

हरी पट्टी और विदेशी पौधों पर होगी चर्चा

इन वर्कशॉप के दौरान कई मुख्य विषयों पर विस्तार से बात की जाएगी। इसमें यह भी शामिल है कि कैसे हरी बेल्ट यानी ग्रीन बेल्ट बनाकर रेत को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। इसके अलावा सऊदी अरब ने बाहरी और हानिकारक पौधों से निपटने में जो अनुभव हासिल किया है, उसे भी साझा किया जाएगा। इस ट्रेनिंग का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना, अनुभव साझा करना और जमीन के खराब होने की स्थिति का आकलन करने के तरीकों को बेहतर करना है। यह पूरी पहल सऊदी अरब के Saudi Vision 2030 के लक्ष्यों के साथ-साथ वैश्विक जलवायु कार्रवाई के उद्देश्यों को भी पूरा करती है।

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