नेपाल में भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड से भारी तबाही, सऊदी नेतृत्व ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को भेजा शोक संदेश.

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भयानक भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस मुश्किल समय में दुनिया भर के देश नेपाल की मदद के लिए आगे आ रहे हैं और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में 28 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के सर्वोच्च नेतृत्व ने नेपाल के राष्ट्रपति Ramchandra Paudel के नाम आधिकारिक शोक संदेश भेजा है। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, देश के राजा King Salman bin Abdulaziz Al Saud और क्राउन प्रिंस ने इस आपदा पर गहरा दुख जताया है और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।
भयानक आपदा और जान-माल का भारी नुकसान
यह प्राकृतिक आपदा एक बड़े भूकंपीय झटके के कारण आई थी, जिसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। इस झटके के बाद एक विशाल ग्लेशियर और चट्टानी हिस्सा ढह गया, जिससे निचले इलाकों में पानी का सैलाब आ गया। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 579 हो गई है। इसके अलावा, करीब 1,924 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। सीमा के दूसरी तरफ चीन के इलाकों में भी इस आपदा का असर देखा गया, जहां अधिकारियों ने 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है और 558 लोग लापता हैं। नेपाल में राहत और बचाव दलों ने अब तक 3,700 से अधिक लोगों तक पहुंचकर उनकी जान बचाई है। रेड क्रॉस की रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा से लगभग 90,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें तत्काल मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही है मदद
इस बड़ी त्रासदी के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बहुत तेजी से अपनी प्रतिक्रिया दी है और नेपाल का साथ देने का ऐलान किया है। सऊदी नेतृत्व के अलावा यूएई के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan, उपराष्ट्रपति Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum और उपराष्ट्रपति Sheikh Mansour bin Zayed Al Nahyan ने भी नेपाल के लोगों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति प्रकट की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra Shah से बातचीत करने के बाद तुरंत आपातकालीन राहत सामग्री भेजने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यूरोपीय संघ ने नेपाल के लिए €2 million यानी 20 लाख यूरो की सहायता राशि देने की घोषणा की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei, सिंगापुर के प्रधानमंत्री Lawrence Wong, विदेश मंत्री Vivian Balakrishnan और इंटरनेशनल पीपल्स असेंबली ने भी इस दुखद घड़ी में नेपाल के प्रति अपना समर्थन जताया है।
नया खतरा और सरकार का राहत अभियान
नेपाल और चीन के स्थानीय अधिकारियों ने नदी के ऊपरी हिस्से में एक नई झील के बनने की चेतावनी जारी की है, जिससे आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा और ज्यादा बढ़ सकता है। नेपाल सरकार ने साफ किया है कि उन्हें खोज और बचाव अभियानों के लिए फिलहाल किसी भी विदेशी मदद की आवश्यकता नहीं है, लेकिन देश को मानवीय सहायता की बहुत जरूरत है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किए गए वीडियो फुटेज के अनुसार, 28 अगस्त को बचाव दलों ने अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग से फंसे हुए श्रमिकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।