सऊदी अरब ने हंगरी में की बड़ी मदद, यूक्रेन के शरणार्थियों को मुफ्त में बांटे 21 कृत्रिम हाथ-पैर।

सऊदी अरब ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए हंगरी में रह रहे यूक्रेन के शरणार्थियों के लिए एक बड़ा मेडिकल कैंप लगाया है। इस नेक काम के तहत युद्ध के कारण अपने अंग गंवा चुके लोगों को बिल्कुल मुफ्त में कृत्रिम यानी प्रोस्थेटिक अंग दिए गए हैं। इस राहत अभियान के दौरान कुल 21 जरूरतमंद लोगों को नए हाथ और पैर लगाए गए हैं, जिससे उनकी जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सके। सऊदी अरब की इस पहल से उन लोगों को बहुत बड़ी राहत मिली है जो इस भयानक संघर्ष की वजह से गंभीर रूप से घायल हुए थे और अपने रोजमर्रा के काम करने में भी लाचार हो गए थे।
KSrelief और स्वयंसेवकों का बड़ा कदम
यह पूरा मेडिकल प्रोजेक्ट King Salman Humanitarian Aid and Relief Center (KSrelief) की तरफ से चलाया गया है। 20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में इस voluntary medical project का आयोजन किया गया था। इस मिशन को पूरा करने के लिए सऊदी अरब से 7 वालंटियर्स की एक मेडिकल टीम हंगरी पहुंची थी। इससे पहले भी 22 जून से 29 जून 2026 के बीच एक और कैंप लगाया गया था, जिसमें 20 और लोगों को कृत्रिम अंग दिए गए थे। सऊदी सरकार की यह योजना आने वाले समय में हंगरी में कुल 100 ऐसे украин मरीजों की मदद करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिन्हें इलाज की सख्त जरूरत है।
हंगरी के स्थानीय सहयोग से हुआ संभव
इस सराहनीय काम को अंजाम देने के लिए सऊदी अरब ने हंगरी की आर्थोपेडिक कंपनी GYSGY REHA Kft. के साथ मिलकर काम किया है। इस कार्यक्रम के दौरान हंगरी में सऊदी अरब के राजदूत Majid bin Abdulaziz Al-Abdan ने खुद एक विशेष समारोह में हिस्सा लिया और मरीजों को ये उपकरण सौंपे। वहीं, इस पूरे प्रोग्राम के हंगरी की तरफ से कोऑर्डिनेटर Zoltán Unger हैं, जो सभी व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में एक खास तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है जिसे डायरेक्ट लेमिनेशन तकनीक कहते हैं। इसकी मदद से मरीज की माप लेने से लेकर उसे बनाने और फिट करने तक का सारा काम सिर्फ एक ही दिन में पूरा हो जाता है। इस आधुनिक तकनीक के कारण एक हफ्ते के अंदर 15 से 20 मरीजों का इलाज आसानी से हो जाता है और उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता है।
सऊदी अरब का यह राहत अभियान दुनिया भर में विस्थापित हुए लोगों की मदद करने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को साफ दिखाता है। जिन लोगों ने इस युद्ध की वजह से अपने अंग खो दिए थे, उन्हें मुफ्त इलाज और उपकरण मिलने से उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। KSrelief के माध्यम से चलाए जा रहे इन मेडिकल कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य यही है कि दुनिया के किसी भी कोने में अगर कोई जरूरतमंद है, तो उसे समय पर बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।