सऊदी अरब में शिपिंग फिर से हुई शुरू, हूथी हमलों के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट।

Sushma Kumari21 September 20263 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब में शिपिंग फिर से हुई शुरू, हूथी हमलों के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट।

सऊदी अरब से तेल की सप्लाई सामान्य होने के बाद वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल के दाम कम हो गए हैं। यमन के हूथी विद्रोहियों की लगातार धमकियों और हमलों के बावजूद सऊदी शिपिंग का काम पटरी पर लौट आया है, जिसका असर सीधा बाजार पर दिखा है। इस खबर से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से ताल्लुक रखने वाले लोगों के बीच भी चर्चा तेज है क्योंकि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

बीते 21 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। निवेशकों ने जब यह देखा कि सऊदी अरब से जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो रही है, तो उन्होंने राहत की सांस ली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स के दाम 81 सेंट गिरकर 103.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड के दाम 89 सेंट घटकर 99.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए।

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हूथी विद्रोहियों के हमले और सरकारी कार्रवाई

यह पूरा बदलाव उस घटनाक्रम के बाद आया है जो 19 सितंबर 2026 को सामने आया था। ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने ड्रोन और मिसाइलों की मदद से सऊदी राजधानी रियाद और लाल सागर के शहर यान्बु स्थित सऊदी अरामको की फैसिलिटी को निशाना बनाया था। सऊदी प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रियाद के ऊपर एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा ताइफ, बायश, फरसान और यान्बु में भी नागरिकों के ठिकानों पर हुए हमलों की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया था।

सऊदी अरब से तेल निर्यात में जबरदस्त सुधार

सुरक्षा से जुड़ी इन तमाम चुनौतियों के बीच एनालिटिक्स फर्म केप्लर (Kpler) की रिपोर्ट से एक बड़ी राहत भरी बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार सितंबर महीने में सऊदी अरब का तेल निर्यात बढ़कर 4 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) से थोड़ा ज्यादा हो गया है। अगस्त के महीने में यह आंकड़ा गिरकर 2.4 मिलियन bpd पर आ गया था जो साल 2013 के बाद से सबसे निचला स्तर था। इस सुधार की एक बड़ी वजह यह भी है कि ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद सऊदी अरब ने होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz के जरिए अपने निर्यात को बढ़ा दिया है।

क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

बाजार के बड़े जानकारों की नजर अभी भी मध्य पूर्व के हालात पर बनी हुई है। जेपी मॉर्गन (JPMorgan) के एनालिस्ट्स ने 18 सितंबर को बताया था कि पिछले 10 दिनों के दौरान मध्य पूर्व से तेल का प्रवाह रोजाना औसतन 17.1 मिलियन bpd पर स्थिर बना रहा है। वहीं XTB MENA के एनालिस्ट मिलाद अजार का कहना है कि स्थानीय आर्थिक आंकड़े बाजार को जरूरी सहारा दे सकते हैं। दूसरी ओर राजनीतिक मोर्चे पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अरब लीग और अरब संसद ने हूथी विद्रोहियों के इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खतरनाक उल्लंघन बताया है। इसके अलावा तुर्की ने भी मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत सऊदी अरब को हरसंभव मदद देने की बात कही है।

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