सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद होने से भारत में तेल संकट का खतरा बढ़ा।

सऊदी अरब में क्रूड ऑयल की मुख्य पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमलों के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी हैं। इस घटना ने भारत जैसे देशों के लिए ऊर्जा आयात लागत और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा जोखिम खड़ा कर दिया है। 14 सितंबर 2026 को ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय का बड़ा फैसला
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, एहतियात के तौर पर ईस्ट-वेस्ट क्रूड पाइपलाइन का संचालन रोक दिया गया है। यह पाइपलाइन पूर्वी प्रांत से लाल सागर पर स्थित यान्बु तक कच्चा तेल पहुंचाने के लिए बहुत जरूरी है और इस रास्ते का उपयोग करके सऊदी अरब होर्मुज जलडमरूमध्य से बचता है। रॉयटर्स और बिजनेस टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यान्बु फैसिलिटी में बचा हुआ तेल केवल पांच से सात दिन के निर्यात के लिए ही पर्याप्त है। रियाद की तरफ से अभी तक मरम्मत को लेकर कोई आधिकारिक समय सारणी या नुकसान का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है।
भारतीय रिफाइनरियों की चिंताएं और विकल्प
इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में भारतीय रिफाइनरियों ने बताया कि वे कम समय की आपूर्ति को संभालने के लिए मौजूदा स्टॉक का इस्तेमाल करने की योजना बना रही हैं। कंपनियों का मानना है कि यदि यह रुकावट लंबी चली, तो उन्हें इराक और यूएई के आपूर्तिकर्ताओं से महंगे तेल के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी, जिससे शिपिंग और बीमा का खर्च काफी बढ़ जाएगा। केप्लर के विश्लेषकों का कहना है कि भारत के सामने मुख्य चुनौती तेल की कमी की नहीं, बल्कि उसकी बढ़ी हुई लागत को मैनेज करने की है।
ओमान तट के पास पोत पर हमला और नाविकों की सुरक्षा
बीते 13 सितंबर 2026 को ओमान के तट के पास MT El Gaia नामक जहाज को निशाना बनाया गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक लापता नाविक की तलाश अभी भी जारी है। ओमान में भारतीय दूतावास ने इस बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों द्वारा दी गई मदद की सराहना की है। 14 सितंबर 2026 की शाम तक पनामा के झंडे वाले इस पोत पर हुए हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।
इस क्षेत्रीय तनाव के कारण कूटनीतिक प्रयासों को भी झटका लगा है। ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी ने घोषणा की कि 14 सितंबर 2026 को ईरान और खाड़ी देशों के बीच होर्मुज नौवहन व्यवस्था पर होने वाली बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस तरह के वाणिज्यिक हमलों की निंदा की है और खुले समुद्र में सुरक्षित आवाजाही की मांग की है।
घरेलू अर्थव्यवस्था और आगे के कदम
इंडियन एक्सप्रेस की हालिया रिपोर्ट बताती है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में अब तक 16 भारतीयों की जान जा चुकी है, जिसमें 10 नाविक भी शामिल हैं। देश के भीतर महंगाई का स्तर पहले से ही दबाव में है, जहां अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार खुदरा महंगाई 4.82 प्रतिशत और थोक महंगाई 9.92 प्रतिशत दर्ज की गई है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और इंडियन ऑयल, बीपीसीएल जैसी रिफाइनरियों को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सऊदी अरामको ग्राहकों के लिए लोडिंग शेड्यूल पर क्या नए अपडेट देती है और भारत सरकार समुद्री सुरक्षा को लेकर क्या कड़े कदम उठाती है।