सऊदी अरब के पावर स्टेशन पर ड्रोन हमला, ओआईसी और अरब देशों की कड़ी निंदा

सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में एक बिजली वितरण केंद्र को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले ने मध्य पूर्व में हलचल बढ़ा दी है। इस खतरनाक हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और कई प्रमुख अरब देशों ने इस कायराना हरकत की कड़ी भर्त्सना की है।
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमला मंगलवार तड़के तैबा बिजली वितरण स्टेशन पर हुआ, जो पैगंबर की मस्जिद को सेवा प्रदान करता है। इस हमले के कारण एक ट्रांसफार्मर कुछ समय के लिए सेवा से बाहर हो गया, हालांकि इससे मुख्य बिजली ग्रिड पर कोई असर नहीं पड़ा और आपूर्ति सुचारू रही।
जांच और मलबे के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि इस हमले के पीछे पड़ोसी देश यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ था। गठबंधन ने इसे पवित्र स्थलों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय जगत का कड़ा रुख
घटना के तुरंत बाद मुस्लिम दुनिया और खाड़ी देशों से कड़ी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। ओआईसी सचिवालय ने इस हमले को एक खतरनाक वृद्धि बताया और सऊदी अरब की सुरक्षा व स्थिरता के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त की।
यूएई, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन जैसे देशों ने भी इस आतंकवादी कृत्य की कड़ी निंदा की है। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इन हमलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है, जिससे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।