Saudi Prince सलमान के आदेश ने ली थी दर्जनों मासूमों की जान, आज सऊदी के एयरपोर्ट और बाक़ी जगह बम सब उसकी शुरुआत हैं.

Lov Singh13 October 20262 min read0 viewsSaudi
Saudi Prince सलमान के आदेश ने ली थी दर्जनों मासूमों की जान, आज सऊदी के एयरपोर्ट और बाक़ी जगह बम सब उसकी शुरुआत हैं.

"दुनिया सऊदी की क्रूरता को भूली नहीं है, यमन के स्कूल बस पर बमबारी को भूली नहीं है। अब घायल यमन अपना हक़ वापस लेने लौट आया है।" हाल में रियाद पर मिसाइल हमले की खबरों, सऊदी हवाई हमलों के दावों और ज़मीनी लड़ाई के बीच यह पोस्ट भावनाएं भड़का रही है। इसलिए इसके पीछे के तथ्य जान लेना ज़रूरी है।

9 अगस्त 2018: दहयान में क्या हुआ था?

  • सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों ने उत्तरी यमन के सादा प्रांत के दहयान बाज़ार में एक बस को निशाना बनाया
  • बस में एक मस्जिद के समर कैंप के बच्चे थे, जो ग्रेजुएशन की ख़ुशी में पिकनिक पर गए थे। बच्चों की उम्र लगभग 6 से 11 साल बताई गई
  • रेड क्रॉस (ICRC) के मुताबिक उसके समर्थित अस्पताल में 29 बच्चों समेत 30 शव पहुंचे और 48 घायल लाए गए। स्थानीय अधिकारियों ने कुल 50 मौतें और 77 घायल बताए
  • सेव द चिल्ड्रन जैसी संस्थाएं मृतक बच्चों की संख्या 40 बताती हैं। अलग-अलग स्रोतों के आंकड़ों में फ़र्क है, पर सब इस बात पर एकमत हैं कि हमला भीषण था और ज़्यादातर पीड़ित बच्चे थे
  • ह्यूमन राइट्स वॉच ने इसे "प्रत्यक्ष युद्ध अपराध" कहा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने हमले की निंदा की

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सऊदी गठबंधन ने क्या कहा?

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शुरू में गठबंधन ने इसे "वैध सैन्य कार्रवाई" बताया। उसका कहना था कि यह हमला उस हूती मिसाइल के जवाब में था, जो जिज़ान की तरफ दागी गई थी और जिसके टुकड़ों से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। बाद में 1 सितंबर 2018 को गठबंधन ने "गलतियां" मानीं, खेद जताया और ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई का वादा किया।

पर तस्वीर का दूसरा पहलू भी है

यह कहना कि "यमन" बदला लेने लौटा है, पूरी कहानी नहीं है। यमन की जंग में कई पक्ष हैं:

  • हूती (अंसारुल्लाह) यमन का एक गुट है, पूरा यमन नहीं। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार सऊदी-समर्थित है और हूतियों से लड़ रही है
  • हूतियों पर भी सऊदी शहरों, तेल ठिकानों और जहाज़ों पर मिसाइल-ड्रोन हमलों के आरोप हैं, और हाल में मक्का की ओर ड्रोन हमले के सऊदी दावे पर उनका खंडन सामने आया था
  • जंग में दोनों तरफ से आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यमन आज भी दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक है

आज का संदर्भ

हूतियों का दावा है कि सऊदी ने 24 घंटे में 26 और एक हफ्ते में 300 हमले किए, जबकि यमन की सरकार का दावा है कि ताइज़ में उसने 30 हूती लड़ाके मारे। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यानी जंग फिर तेज़ है, और हर पक्ष अपनी कहानी सुना रहा है।

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