सऊदी अरब: वैश्विक चुनौतियों के बीच प्राइवेट सेक्टर की रफ्तार बढ़ी, अगस्त में दिखी मजबूती

Nura Basta8 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब: वैश्विक चुनौतियों के बीच प्राइवेट सेक्टर की रफ्तार बढ़ी, अगस्त में दिखी मजबूती

दुनियाभर में बढ़ती महंगाई और क्षेत्रीय तनावों के बावजूद सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूती साबित की है। अगस्त 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब के निजी क्षेत्र (Private Sector) में लगातार ग्रोथ दर्ज की गई है। इकोनॉमिक और डेवलपमेंट अफेयर्स काउंसिल (CEDA) द्वारा समीक्षा की गई एक रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि किंगडम की अर्थव्यवस्था वैश्विक दबावों का सामना करने में सक्षम है।

अर्थव्यवस्था और योजना मंत्रालय के डेटा के अनुसार, अगस्त 2026 में सऊदी अरब का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) जुलाई के 53.1 से बढ़कर 53.8 पर पहुंच गया है। यह लगातार पांचवां महीना है जब देश में ग्रोथ देखी गई है। इसके साथ ही, बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स में भी 0.2 अंकों की बढ़त हुई है, जो अब 56.7 पर है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त मौद्रिक नीतियों और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद सऊदी बिजनेस जगत में भरोसा बना हुआ है।

विजन 2030 और सामाजिक योजनाओं की बड़ी कामयाबी

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CEDA की बैठक में केवल निजी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि 'सऊदी विजन 2030' की प्रगति पर भी चर्चा हुई। स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ऑफिस की दूसरी तिमाही की रिपोर्ट में बताया गया कि एक जीवंत समाज, समृद्ध अर्थव्यवस्था और महत्वाकांक्षी राष्ट्र के लक्ष्यों पर तेजी से काम हो रहा है।

रिपोर्ट के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • क्वालिटी ऑफ लाइफ प्रोग्राम: इस कार्यक्रम ने स्थानीय सामग्री (local content) के मामले में 44% की उपलब्धि हासिल की है, जो कि 37% के लक्ष्य से कहीं ज्यादा है। इससे जीडीपी में 78 बिलियन सऊदी रियाल का योगदान मिला है।
  • सिटीजन अकाउंट प्रोग्राम: आम नागरिकों की मदद के लिए शुरू किए गए इस प्रोग्राम के तहत अब तक लगभग 262 बिलियन सऊदी रियाल की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है, जिससे करीब 24 लाख लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।
  • सरकारी प्रदर्शन: नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मेंस मेजरमेंट (Adaa) की रिपोर्ट के जरिए विजन 2030 के लक्ष्यों की दिशा में सरकारी कामकाज की समीक्षा की गई।

इसके अलावा, काउंसिल ने जस्टिस सेक्टर डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी, क्लिनिकल स्टडीज कानून के ड्राफ्ट और विदेशी व्यापार के घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। साथ ही, उपभोक्ता और थोक मूल्य सूचकांकों की समीक्षा कर बाजार की स्थिति का आकलन किया गया।

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