Saudi Arabia Project Masam: सऊदी प्रोजेक्ट ने यमन में एक हफ्ते में साफ किए 863 खतरनाक माइंस और विस्फोटक.

Praggya Singh sabal8 September 20262 min read35 viewsSaudi
Saudi Arabia Project Masam: सऊदी प्रोजेक्ट ने यमन में एक हफ्ते में साफ किए 863 खतरनाक माइंस और विस्फोटक.

सऊदी अरब की ओर से चलाए जाने वाले प्रोजेक्ट मासम ने यमन में एक बार फिर बड़ा काम किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत यमन के अलग-अलग इलाकों से सिर्फ एक हफ्ते के भीतर 863 खतरनाक बारूदी सुरंगे यानी माइंस और विस्फोटक उपकरणों को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया है। यह पूरा अभियान 29 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच चलाया गया था। इस दौरान कुल 194,994 वर्ग मीटर जमीन को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया गया ताकि आम लोगों की जिंदगी को बचाया जा सके।

प्रोजेक्ट मासम और केएसरिलीफ का बड़ा सहयोग

यमन में चल रहे इस बारूदी सुरंग सफाई अभियान को किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर यानी KSrelief का पूरा समर्थन मिल रहा है। इस हफ्ते की कार्रवाई में कुल 6 एंटी-पर्सनल माइंस, 470 एंटी-टैंक माइंस, 384 बिना फटे हुए विस्फोटक यानी यूएक्सओ और 3 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी बरामद किए गए। इन सभी खतरनाक सामानों को बहुत सावधानी के साथ सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया ताकि किसी भी नागरिक को कोई नुकसान न पहुंचे।

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सफाई का यह काम यमन के कई प्रमुख गवर्नरेट और जिलों में एक साथ किया गया। इनमें अदन का शेख उثمان, हद्रामौत का मुकल्ला, हज्जा का मिदी, मारिब का अल-वादी, शबवा का बयहान और ताइज़ के मोखा, धुबाब और अल-मुजफ्फर इलाके शामिल रहे। हद्रामौत के मुकल्ला जिले में टीम ने एक बहुत बड़ा ऑपरेशन पूरा किया, जहां अकेले 429 एंटी-टैंक माइंस और 129 यूएक्सओ को नष्ट किया गया। इसके अलावा, हज्जा के मिदी जिले में लोगों को जागरूक करने के लिए विस्फोटक जोखिम शिक्षा अभियान भी चलाया गया, क्योंकि वहां रिहायशी घरों और खेती की जमीनों के पास कई माइंस पाए गए थे।

जुलाई 2018 से अब तक का बड़ा सफर

प्रोजेक्ट मासम अंतरराष्ट्रीय खदान कार्रवाई मानकों यानी IMAS के नियमों के तहत पूरी सख्ती से काम करता है। जब से यह प्रोजेक्ट जुलाई 2018 में शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक कुल 589,188 विस्फोटक खतरों को पूरी तरह से साफ किया जा चुका है और 85 मिलियन वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन को फिर से रहने और खेती के लायक बनाया गया है। प्रोजेक्ट के निदेशक Osama al-Qusaibi का कहना है कि ये बिना सोचे-समझे बिछाए गए विस्फोटक आज भी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत आम नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।

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