सऊदी अरब के किवा प्लेटफॉर्म ने बिजनेस मालिकाना हक ट्रांसफर करने के नियम और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर दी जानकारी
सऊदी अरब के किवा प्लेटफॉर्म ने बिजनेस ओनरशिप ट्रांसफर और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

रियाद: सऊदी अरब के किवा प्लेटफॉर्म ने बिजनेस मालिकाना हक (ओनरशिप ट्रांसफर) की प्रक्रियाओं और इसमें शामिल कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर जरूरी स्पष्टीकरण जारी किया है। प्लेटफॉर्म ने बताया है कि जिन बिजनेस के पास कमर्शियल रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनका मालिकाना हक संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी के जरिए ट्रांसफर किया जा सकता है।
नियमों के मुताबिक, जब लाइसेंसिंग अथॉरिटी से प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो अपडेट की गई जानकारी अपने आप किवा प्लेटफॉर्म पर सिंक हो जाती है। वहीं, जिन बिजनेस के पास कमर्शियल रजिस्ट्रेशन है, उनके ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया वाणिज्य मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स) की देखरेख में पूरी की जाएगी।
किवा प्लेटफॉर्म ने यह भी साफ किया कि अगर कोई बिजनेस किसी खास लाइसेंस के तहत काम कर रहा है, तो मालिकाना हक बदलने का काम संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी ही करेगी। इसके बाद ही पोर्टल पर जानकारी अपडेट की जाएगी।
कर्मचारियों के हितों की बात करते हुए प्लेटफॉर्म ने लेबर लॉ के आर्टिकल 18 का हवाला दिया। इसके तहत बिजनेस ट्रांसफर, विलय या कानूनी स्थिति बदलने के बावजूद कर्मचारियों के रोजगार अनुबंध कानूनी रूप से मान्य रहेंगे और उनकी सर्विस की अवधि भी बरकरार रखी जाएगी।
कानून के अनुसार, ट्रांसफर से पहले कर्मचारियों के वेतन और एंड ऑफ सर्विस बेनिफिट्स जैसे सभी बकाये के लिए पुराने और नए दोनों मालिक संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे।
व्यक्तिगत प्रतिष्ठानों के मामले में, पुराना और नया मालिक आपसी सहमति से कर्मचारियों के अधिकारों को ट्रांसफर कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए कर्मचारी की लिखित सहमति जरूरी होगी। अगर कर्मचारी सहमति नहीं देता है, तो वह अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर पुराने मालिक से अपना पूरा बकाया वसूल कर सकता है।