सऊदी अरब में बिना मालिक की अनुमति बदलेगी नौकरी, 25 लाख भारतीयों को राहत
सऊदी अरब के किवा प्लेटफॉर्म में बड़े अपडेट हुए हैं। अब प्रवासी श्रमिक 12 महीने बाद बिना पुराने मालिक की मंजूरी के नौकरी बदल सकेंगे।

रियाद: सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने किवा (Qiwa) प्लेटफॉर्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस फैसले का सीधा असर किंगडम में रह रहे 25 लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासियों पर पड़ेगा।
नए नियमों के मुताबिक, अब प्रवासी श्रमिक अपनी रेजिडेंसी के 12 महीने पूरे करने के बाद अपने मौजूदा नियोक्ता (मालिक) की मंजूरी के बिना ही नौकरी बदल सकेंगे। इसके लिए नए नियोक्ता को किवा पोर्टल के जरिए एक औपचारिक जॉब ऑफर भेजना होगा।
इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य लेबर मोबिलिटी को बढ़ाना और पुराने कफाला सिस्टम से जुड़ी शोषण की आशंकाओं को कम करना है। यह कदम सऊदी विजन 2030 के सौदीकरण (Saudization) लक्ष्यों के अनुरूप उठाया गया है।
वहीं, इंस्टेंट वर्क वीजा के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब कंपनियों को मिलने वाले वीजा की संख्या उनके कार्यकाल और निताकाट (Nitaqat) स्टेटस पर निर्भर करेगी।
नियमों के अनुसार, जिन कंपनियों को काम करते हुए दो साल से कम समय हुआ है, वे अधिकतम पांच इंस्टेंट वर्क वीजा ले सकेंगी। पुरानी और स्थापित कंपनियों के लिए यह सीमा 50 वीजा तक रखी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से कुशल श्रमिकों और नियमों का पालन करने वाली बड़ी कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि, तेजी से विस्तार करने वाले स्टार्टअप्स को वर्कफोर्स जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
श्रमिकों को सलाह दी गई है कि वे नौकरी बदलने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले किवा प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी पात्रता और ट्रांसफर की शर्तों की जांच जरूर कर लें। अपील प्रक्रिया और कार्यान्वयन के विस्तृत आंकड़े अभी आने बाकी हैं।