सऊदी अरब में रियल एस्टेट बैलेंस प्रोग्राम के लाभार्थियों के लिए नए नियम लागू हुए और जमीन के दस्तावेज बांटे गए

रियाद: क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की देखरेख में राजधानी में आवास स्थिरता बढ़ाने के लिए शुरू किए गए रियल एस्टेट बैलेंस प्रोग्राम के नियामक ढांचे को औपचारिक रूप दे दिया गया है। इस पहल के तहत रियाद क्षेत्र के गवर्नर प्रिंस फैसल बिन बंदर बिन अब्दुलअजीज ने अल-नखील, अल-मलका और अल-किरवान जिलों के लाभार्थियों को जमीन के पहले बैच के दस्तावेज सौंपे।
प्रोग्राम के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, लाभार्थियों को मालिकाना हक के दस्तावेज मिलने के 10 साल के भीतर अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य पूरा करना होगा। अगर तय समय सीमा में निर्माण नहीं किया गया, तो सरकार जमीन वापस ले लेगी और लाभार्थी को उसकी मूल कीमत लौटा दी जाएगी।
नियमों के तहत मालिकाना हक मिलने के पहले 10 सालों तक जमीन को बेचने या ट्रांसफर करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। हालांकि, निर्माण के लिए फाइनेंस जुटाने के मकसद से जमीन को गिरवी रखने की अनुमति दी गई है। विकसित संपत्ति या उसके किसी हिस्से को किराए पर केवल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही दिया जा सकेगा।
11 सितंबर 2025 को शुरू हुए इस प्रोग्राम का लक्ष्य पांच साल की अवधि में हर साल 10,000 से 40,000 विकसित आवासीय प्लॉट बांटना है। इन प्लॉट की कीमत 1,500 सऊदी रियाल प्रति वर्ग मीटर तक सीमित रखी गई है। पहले साल में पात्र सऊदी नागरिकों को 63 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10,024 आवासीय प्लॉट आवंटित किए गए हैं।
इस पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन डिजिटल 'तवाज़ून' प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा रहा है। आवेदन के लिए शर्त है कि आवेदक शादीशुदा हो या उसकी उम्र 25 साल से ज्यादा हो। साथ ही आवेदक के पास पहले से कोई रियल एस्टेट संपत्ति नहीं होनी चाहिए और वह कम से कम तीन साल से रियाद का निवासी होना चाहिए।