हूती हमलों पर सऊदी अरब का कड़ा रुख, जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सऊदी अरब ने हूती हमलों को आपराधिक कृत्य बताते हुए अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कड़ी प्रतिक्रिया देने का ऐलान किया है।

रियाद: सऊदी अरब की मंत्रिपरिषद ने हूती आंदोलन द्वारा किए जा रहे हमलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की आक्रामकता का जवाब "कड़ाई" से दिया जाएगा।
परिषद ने अपनी संप्रभुता, नागरिकों और महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करने के अपने वैध अधिकार को दोहराया है। हूती हमलों को जानबूझकर किए गए आपराधिक कृत्य बताया गया है, जिनसे सऊदी क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
सुरक्षा प्रयासों के तहत सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने 3 नवंबर, 2026 को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से फोन पर रणनीतिक चर्चा की। इस बातचीत में रक्षा सहयोग को मजबूत करने और हूती सैन्य कार्रवाइयों से पैदा हुए क्षेत्रीय तनाव को कम करने के प्रयासों पर जोर दिया गया।
क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। यमन की सरकारी सेनाएं वर्तमान में अल-जौफ प्रांत में हूती ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रही हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि पिछले 48 घंटों के दौरान उन्होंने एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट किया है। इन दोनों ने सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र को निशाना बनाया था।
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ताओं ने सऊदी बुनियादी ढांचे पर हालिया हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया है कि दम्माम के एक नागरिक हवाई अड्डे पर किए गए उनके ऑपरेशनों से स्थानीय हवाई यातायात बाधित हुआ है।
हिंसा में इस बढ़ोतरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई है। यूरोपीय संघ और अरब आंतरिक मंत्रियों की परिषद के महासचिव ने सऊदी बुनियादी ढांचे और नागरिक लक्ष्यों पर हुए हमलों के खिलाफ औपचारिक बयान जारी किए हैं।
ईरान समर्थित हूती समूह न केवल सऊदी अरब के साथ सीमा पार संघर्ष में शामिल है, बल्कि मारिब और अल-बयदा जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के खिलाफ भी आंतरिक लड़ाई लड़ रहा है।