क्षेत्रीय सुरक्षा और यमन संकट पर सऊदी और रूस के विदेश मंत्रियों की चर्चा
सऊदी अरब और रूस के विदेश मंत्रियों ने यमन में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा खतरों पर बातचीत की।

मनामा (बहरीन): सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने क्षेत्रीय सुरक्षा और यमन में बढ़ते तनाव को लेकर गहन चर्चा की है। यह मुलाकात 18 अक्टूबर, 2026 को बहरीन के मनामा में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों और रूस के बीच आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान हुई।
दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और क्षेत्र में हो रही महत्वपूर्ण घटनाओं पर विचार-विमर्श किया। बातचीत के दौरान यमन में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य तथा बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन के लिए बने खतरों पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
इसके बाद, 30 अक्टूबर, 2026 को दोनों विदेश मंत्रियों ने अमेरिका के अटलांटा में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। वहां उन्होंने वैश्विक व्यापार, ऊर्जा मुद्दों, समुद्री सुरक्षा और व्यापक भू-राजनीतिक चिंताओं पर चर्चा की।
दूसरी ओर, यमन सरकार ने 30 अक्टूबर को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकियों को खारिज कर दिया है। सरकार ने बाब अल-मंडेब में समुद्री रास्तों को बाधित करने की हूती मिलिशिया की कोशिशों की निंदा करते हुए कहा कि इन गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। साथ ही, सऊदी अरब में नागरिकों और सुविधाओं को निशाना बनाने वाले हूती हमलों की भी कड़ी निंदा की गई।
क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। यमन सरकार की सेना ने सऊदी हवाई कवर के सहयोग से बाब अल-मंडेब क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। 27 अक्टूबर, 2026 तक धुबाब और अल-मोखा में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए गए।
28 अक्टूबर तक ताइज़ में भीषण झड़पों की खबरें आईं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हूती मिसाइल स्टोरेज टनल और लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन चलाए गए। इसी बीच, 30 अक्टूबर को प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो के साथ ईरान, सूडान और यमन सहित क्षेत्रीय चुनौतियों पर परामर्श किया।