Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, शेयर बाजार धड़ाम, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद होने से मचा हड़कंप

सऊदी अरब के शेयर बाजारों में 13 सितंबर 2026 को भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट देश की मुख्य East-West oil pipeline पर हुए ड्रोन हमलों के बाद आई है। सऊदी अरब के Ministry of Energy ने जानकारी दी कि 10 सितंबर 2026 को रियाद और मदीना के इलाकों में हुए इन हमलों में कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद एहतियात के तौर पर 11 सितंबर 2026 को इस महत्वपूर्ण पाइपलाइन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया ताकि किसी बड़े खतरे से बचा जा सके। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि ये ड्रोन इराक की जमीन से लॉन्च किए गए थे। हालांकि, इराकी प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi के अनुरोध पर सऊदी अधिकारियों ने तुरंत किसी भी सैन्य कार्रवाई से परहेज किया है, लेकिन देश ने अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा है।
इराक ने की कार्रवाई और ईरान के साथ हुई बैठक
इराक सरकार ने खुद 12 सितंबर 2026 को इस बात की पुष्टि की कि हमला उनकी जमीन से हुआ था। इसके बाद इराक ने सख्त कदम उठाते हुए मसान प्रांत के सैन्य कमांडर समेत दो बड़े अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया। इसके अगले दिन यानी 13 सितंबर 2026 को इराक के विदेश मंत्री Fuad Hussein ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की। इस बैठक में इस पूरे मामले की संयुक्त जांच कराने और बॉर्डर की सुरक्षा को मजबूत करने पर लंबी बातचीत हुई। इस बीच इराकी सुरक्षा बलों ने उस रॉकेट लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म को भी अपने कब्जे में ले लिया जिसका इस्तेमाल इस खतरनाक हमले को अंजाम देने के लिए किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका देश सऊदी अरब के साथ किसी भी युद्ध में नहीं है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा तनाव
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि 12 सितंबर 2026 को हुथी विद्रोहियों ने जाजान क्षेत्र पर एक और मिसाइल या प्रोजेक्टाइल दागा। इस हमले में दो लोग घायल हो गए और एक स्थानीय मस्जिद को भी काफी नुकसान पहुंचा। सऊदी सिविल डिफेंस की टीमें इस समय राहत और बचाव कार्यों को संभालने में जुटी हुई हैं। इस बीच समुद्री इलाकों में भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। UKMTO ने 13 सितंबर 2026 को ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक जहाज पर हमले की खबर दी। वहीं दूसरी ओर ईरानी सरकारी मीडिया ने यह कंफर्म किया कि उनके दक्षिणी तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए।
ओमान में होगी अहम उच्च स्तरीय बैठक
समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति को लेकर ओमान में 14 सितंबर 2026 को एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई है। इस बैठक में इराक, ईरान और खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC के सभी छह देश शामिल होंगे। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा समुद्र में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बढ़ते तनाव को कम करना है। सऊदी अरब पर हुए इस हमले की दुनिया भर के कई देशों और संगठनों ने कड़ी निंदा की है। इस सूची में यूएई, कतर, बहरीन, जॉर्डन, ओमान, मिस्र, लीबिया, सीरिया, लेबनान, पाकिस्तान, ओआईसी, अरब संसद, जीसीसी, मुस्लिम वर्ल्ड लीग और तुर्की जैसे देश और बड़े संगठन शामिल हैं। इस स्थिति के चलते खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के बीच भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है।