यमन के अदन में विस्थापित परिवारों के लिए सऊदी अरब की शरण सहायता, KSrelief ने बांटे तंबू

अदन, यमन: सऊदी अरब एक साथ दो मोर्चों पर काम कर रहा है। एक तरफ़ वह यमन में हूती बलों के ख़िलाफ़ सैन्य मोर्चे पर डटा है, तो दूसरी तरफ़ संघर्ष से बेघर हुए आम यमनी नागरिकों तक राहत पहुँचा रहा है। ताज़ा मामला अदन गवर्नरेट का है, जहाँ किंग सलमान मानवीय सहायता और राहत केंद्र (KSrelief) की ओर से 12 अक्टूबर 2026 तक शरण सामग्री का वितरण जारी था।
यह राहत अभियान एक बड़ी योजना का हिस्सा है। 10 से 23 सितंबर 2026 के बीच KSrelief ने यमन के छह गवर्नरेट में फैले 13 विस्थापित शिविरों में 463 तंबू और 528 शरण किट बांटे। इससे 3,110 लोगों को सीधी मदद मिली।
अदन के अल-बुरैका ज़िले में 8 अक्टूबर 2026 को 46 शरण किट दी गईं। इनका लाभ 46 परिवारों के 217 लोगों तक पहुँचा। ये परिवार तइज़ और हुदैदा गवर्नरेट से अपना घर छोड़कर आए थे। इन परिवारों के लिए सिर पर छत सबसे पहली ज़रूरत बन गई थी।
अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ साझा कार्यक्रम
सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय प्रवास संगठन (IOM) के साथ हुए संयुक्त कार्यक्रम के तहत भी काम कर रहा है। इसके जरिए 13,300 आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के रहने के हालात सुधारने की कोशिश हो रही है, जिसमें तंबू और आपातकालीन किट दी जा रही हैं।
IOM के आँकड़े बताते हैं कि मौजूदा टकराव बढ़ने के बाद से यमन में 2,01,217 लोग विस्थापित हो चुके हैं। इनमें से 20,814 विस्थापन अकेले अदन में हुए हैं। यानी यहाँ शरण की ज़रूरत सबसे ज़्यादा दर्ज की गई है।
शरण के अलावा KSrelief ने हाल में कमज़ोर परिवारों के लिए 3,240 खाद्य टोकरियाँ भी पहुँचाई हैं। राहत की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। हूती बलों की ओर से सऊदी अरब की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमलों की रिपोर्ट आई हैं, और इनके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की सैन्य कार्रवाई भी हुई है।
अदन जैसे इलाकों में आम लोगों के लिए रोज़ की ज़िंदगी पहले ही मुश्किल हो चुकी है। ऐसे में तंबू और राहत किट का महत्व सिर्फ़ आँकड़ों से नहीं, बल्कि उन परिवारों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों से समझा जा सकता है जो अपने गाँव-शहर छोड़कर अनजान जगहों पर शरण ले रहे हैं।