सऊदी अरब का बड़ा फैसला: कुशल भारतीय अब नौकरी के साथ ही लगवा सकेंगे फैमिली वीजा

सऊदी अरब में काम करने वाले कुशल भारतीय प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। अब उन पेशेवरों को अपने परिवार को बुलाने के लिए लंबे इंतजार की जरूरत नहीं होगी। सऊदी सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए यह सुविधा दी है कि कुशल विदेशी कर्मचारी अपने रोजगार वीजा या इकामा (रेजीडेंसी परमिट) की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही अपने परिवार के लिए एंट्री वीजा का आवेदन कर सकते हैं।
सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को इस महत्वपूर्ण घोषणा की। यह कदम विदेश मंत्रालय और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय के आपसी सहयोग से उठाया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना और परिवार को साथ लाने में होने वाली कागजी देरी और नौकरशाही की बाधाओं को कम करना है।
किन्हें मिलेगा इस सुविधा का लाभ और क्या हैं शर्तें?
यह नई सुविधा केवल उन लोगों के लिए है जिन्हें 'कुशल' (skilled) और 'अत्यधिक कुशल' (highly skilled) श्रेणी में रखा गया है। इसमें मुख्य रूप से इंजीनियर, स्वास्थ्य कर्मी, तकनीशियन, फाइनेंस और डिजिटल क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो सऊदी विजन 2030 का हिस्सा हैं।
जहाँ तक परिवार की बात है, तो आवेदक केवल अपने जीवनसाथी, 25 वर्ष से कम उम्र के बेटों और अविवाहित बेटियों के लिए ही आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि इस नियम के तहत माता-पिता, शादीशुदा बेटियों या 25 वर्ष से अधिक उम्र के बेटों को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, आवेदकों को वेतन, पेशे और दस्तावेजों से जुड़ी पुरानी शर्तों को पूरा करना होगा। एक बात और स्पष्ट कर दी गई है कि परिवार के आने के बाद उन्हें सामान्य इकामा प्रक्रिया से गुजरना होगा, क्योंकि एंट्री वीजा का मतलब यह नहीं है कि उन्हें सीधे तौर पर रेजिडेंसी मिल गई है।
सऊदी अरब में भारतीयों की संख्या काफी अधिक है। मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, यहाँ लगभग 27.48 लाख भारतीय रहते हैं। इस बीच, यात्रा को और आसान बनाने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अपने विंटर शेड्यूल का विस्तार किया है। 25 अक्टूबर 2026 से दिल्ली-रियाद, लखनऊ-रियाद और रियाद-तिरुवनंतपुरम जैसे नए नॉन-स्टॉप रूट शुरू किए जा रहे हैं, जिससे प्रवासियों को अपने परिवार से मिलने में और आसानी होगी।
हालांकि, अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि इस वीजा बदलाव का असर आवास, स्कूली शिक्षा या स्वास्थ्य बीमा के मौजूदा नियमों पर नहीं पड़ेगा। स्पॉन्सर्स को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले अपनी प्रोफेशनल पात्रता की जांच जरूर कर लें।