Saudi Taif Drone Attack: सऊदी अरब के Taif शहर पर हूती का ड्रोन हमला, एक की मौत.

सऊदी अरब के शहर Taif पर एक बार फिर से बड़ा हमला हुआ है, जहाँ हूती मिलिशिया द्वारा दागे गए एक ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस गंभीर घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। सऊदी सिविल डिफेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले की वजह से कई जगहों पर भारी नुकसान भी हुआ है, जिसके बाद से प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
Arab Interior Ministers' Council की कड़ी निंदा
घटना के तुरंत बाद, 18 सितंबर 2026 को Arab Interior Ministers' Council के जनरल सचिवालय ने एक औपचारिक बयान जारी कर इस हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की। परिषद ने साफ कहा कि यह हमला आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की उस आक्रामक सोच को दिखाता है जो मिलिशिया लगातार अपना रही है। इसके साथ ही, परिषद ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है और देश की क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने तथा नागरिकों और यहाँ रहने वाले प्रवासियों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे सभी जरूरी कदमों का पूरा समर्थन किया है। इस संबंध में अधिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) पर दी गई है।
रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेस ने हवा में गिराया ड्रोन
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर ड्रोन को Royal Saudi Air Defense Forces द्वारा समय रहते हवा में ही रोक लिया गया और नष्ट कर दिया गया, जिससे और बड़ा नुकसान होने से बच गया। हालांकि, ड्रोन के मलबे और धमाके की वजह से इलाके में काफी नुकसान हुआ है। सऊदी अरब में लगातार इस तरह के प्रोजेक्टाइल हमले हो रहे हैं, जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। इससे एक दिन पहले यानी 17 सितंबर 2026 को भी सऊदी रक्षा बलों ने मक्का के दक्षिण में एक अन्य हूती ड्रोन को हवा में ही नाकाम कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है आलोचना
हूती अधिकारियों ने मक्का शहर को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है और उनका कहना है कि उनके सैन्य अभियान केवल तेल सुविधाओं और सैन्य ठिकानों तक सीमित हैं। इसके बावजूद, Taif पर हुए इस ताज़ा हमले के बाद दुनिया भर के कई संगठनों और देशों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। इस सूची में Gulf Cooperation Council (GCC), Organization of Islamic Cooperation (OIC), Muslim World League के अलावा ट्यूनीशिया, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और कतर जैसे देश शामिल हैं, जिन्होंने इस हमले की भरपूर निंदा की है और सऊदी अरब का समर्थन किया है।