Saudi Arabia: ताइफ में ड्रोन के मलबे से एक यमनी नागरिक की मौत, मक्का पर हमले के बाद बढ़ा तनाव.

Praggya Singh sabal18 September 20263 min read28 viewsSaudi
Saudi Arabia: ताइफ में ड्रोन के मलबे से एक यमनी नागरिक की मौत, मक्का पर हमले के बाद बढ़ा तनाव.

सऊदी अरब के ताइफ शहर में एक बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ इंटरसेप्ट किए गए हुथी ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से एक यमीनी नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई और एक सऊदी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक पाकिस्तानी नागरिक की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी घटना 17 सितंबर 2026 को हुई, जब हवा में नष्ट किए गए ड्रोन के टुकड़े रिहायशी इलाकों और इमारतों पर आ गिरे। सऊदी सिविल डिफेंस ने इस बात की पुष्टि की है कि मलबे की वजह से कई नागरिक इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है, जो हालिया हमलों में किसी की जान जाने का पहला आधिकारिक मामला है।

मक्का की ओर भेजे गए ड्रोन पर मचा बवाल

यह दुखद हादसा उस घटना के 24 घंटे के भीतर हुआ जब रियाद ने ईरान समर्थित हुथी मिलिशिया पर मक्का की तरफ ड्रोन उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया था। सऊदी अधिकारियों ने इसे देश की सुरक्षा की एक बड़ी लाल रेखा यानी रेड लाइन का उल्लंघन करार दिया था। गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने मीडिया को जानकारी दी थी कि मंगलवार शाम को ही मक्का के पवित्र शहर के दक्षिण हिस्से में इस ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया था। दूसरी तरफ, हुथी नेता अब्देल-मलिक अल-हुथी ने टेलीविजन पर आकर मक्का वाले आरोप को पूरी तरह खारिज किया और इसे सरासर झूठ तथा प्रोपेगैंडा बताया। उन्होंने दावा किया कि सऊदी हवाई हमलों ने ताइज, मारिब और हज्जा इलाकों को निशाना बनाया है।

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क्षेत्रीय सुरक्षा और खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम के बाद से खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है। हुथी ताकतों ने हाल ही में मोचा, पेरिम द्वीप और यमन के पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है, जिससे महत्वपूर्ण बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते ही ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचने के बाद बंद करना पड़ा था। इस तनाव के बीच, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के विदेश मंत्रालय ने मक्का पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है, जबकि बहरीन और कुवैत ने भी सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हालांकि पवित्र स्थलों पर हमलों की निंदा की, लेकिन साथ ही यह भी कह दिया कि मक्का ड्रोन की खबर एक फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन भी हो सकता है। ईरानी सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि चीन ने निजी तौर पर तेहरान से हुथी विद्रोहियों को संयम बरतने की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और प्रवासियों पर असर

इस निरंतर चल रही हिंसा और संघर्ष के कारण आम लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन यानी IOM के आंकड़ों के अनुसार, इस लड़ाई की वजह से अब तक 100,000 से अधिक यमनी नागरिक अपने घरों को छोड़कर विस्थापित होने के लिए मजबूर हो चुके हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और काम के सिलसिले में जाने वाले लोगों के लिए भी स्थितियां तनावपूर्ण बनती जा रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदाब के पास तनाव बढ़ने से तेल बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जहाँ हाल ही में टोगो के झंडे वाले एक टैंकर में आग लगने की खबर भी सामने आई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि ईरान को लेकर जल्द ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जबकि ओमान में होने वाली खाड़ी-ईरान की निर्धारित बैठक को सऊदी अरब के अनुरोध पर फिलहाल टाल दिया गया है।

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