सऊदी अरब में बेरोजगारी दर घटकर 6.5% हुई, विजन 2030 की बड़ी जीत

सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत ही सकारात्मक खबर सामने आई है। देश में बेरोजगारी की दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) द्वारा बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में बेरोजगारी दर घटकर 6.5 प्रतिशत पर आ गई है।
यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि (2025 की दूसरी तिमाही) के 6.8 प्रतिशत के मुकाबले काफी बेहतर है। हालांकि, अगर हम 2026 की पहली तिमाही से तुलना करें, तो वहां दर 6.4 प्रतिशत थी, जिसका मतलब है कि दूसरी तिमाही में इसमें मामूली सा उतार-चढ़ाव देखा गया है।
आर्थिक सुधारों और विजन 2030 का असर
बेरोजगारी में इस कमी का मुख्य श्रेय देश में चल रहे व्यापक आर्थिक सुधारों को दिया जा रहा है। GASTAT के अनुसार, निम्नलिखित कारकों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है:
- लेबर लोकलाइजेशन नीतियां: स्थानीय नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता देने वाली नीतियों ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं।
- ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट प्रोग्राम: इस कार्यक्रम के माध्यम से नौकरी चाहने वालों के कौशल को बाजार की जरूरतों के साथ जोड़ा जा रहा है।
- निवेश और विकास: विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते निवेश ने नए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।
विशेष रूप से, 2024 की जनसंख्या जनगणना के नए डेटा का उपयोग करके रोजगार मेट्रिक्स की सटीकता को और भी बेहतर बनाया गया है, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ी है।
महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि
सऊदी अरब में सामाजिक सुधारों का असर कार्यबल पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। कार्यस्थल तक पहुंच आसान बनाने और चाइल्डकेयर सपोर्ट जैसे कदमों के कारण महिलाओं की श्रम शक्ति में भागीदारी तेजी से बढ़ी है।
इसका परिणाम यह हुआ है कि सऊदी महिलाओं के लिए बेरोजगारी दर अब रिकॉर्ड निचले स्तर 10.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसके साथ ही, 2025 के अंत तक निजी क्षेत्र में काम करने वाले सऊदी नागरिकों की संख्या 25 लाख से अधिक हो गई है।
लक्ष्य से पहले मिली सफलता
सऊदी विजन 2030 की वार्षिक रिपोर्ट एक और बड़ी उपलब्धि की ओर इशारा करती है। देश ने 2030 के निर्धारित लक्ष्य से बहुत पहले ही सफलता हासिल कर ली है। विजन 2030 के तहत 7 प्रतिशत की राष्ट्रीय बेरोजगारी दर का लक्ष्य 2024 के अंत तक ही प्राप्त कर लिया गया था, जो सऊदी अरब की आर्थिक मजबूती का प्रमाण है।