सऊदी ने GCC में रहने वाले प्रवासियों के विजिट वीजा से पेशे की शर्त हटाई
सऊदी अरब ने GCC देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए विजिट वीजा से पेशे की पाबंदी हटा दी है। अब कोई भी आवेदन कर सकता है।

रियाद: सऊदी अरब ने GCC देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए विजिट वीजा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी पेशे (प्रोफेशन) के प्रवासी बिना किसी पाबंदी के सऊदी विजिट वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। 3 नवंबर 2026 को हुई पुष्टि के बाद यह नई नीति लागू कर दी गई है।
इस फैसले का सीधा फायदा यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान में रहने वाले भारतीय और अन्य दक्षिण एशियाई प्रवासियों को मिलेगा। अब टूरिज्म या उमराह के लिए वीजा आवेदन करते समय जॉब टाइटल या पेशे की कोई सीमा नहीं होगी।
वीजा के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास सऊदी अरब से सटे किसी GCC देश का वैध रेजिडेंस परमिट होना चाहिए, जिसकी वैधता कम से कम तीन महीने बची हो। इसके साथ ही पासपोर्ट की वैधता कम से कम छह महीने होनी जरूरी है। आवेदकों को निर्धारित राष्ट्रीयता और आयु संबंधी शर्तों को भी पूरा करना होगा।
आवेदन की प्रक्रिया के लिए visitsaudi.com या ksavisa.sa पोर्टल पर जाकर 'GCC रेजिडेंट रूट' चुनना होगा। यहाँ पासपोर्ट विवरण, रेजिडेंस परमिट की जानकारी और फोटो अपलोड करनी होगी। हालांकि आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज पेशे की जानकारी देनी होगी, लेकिन अब यह वीजा मिलने में बाधा नहीं बनेगा।
इस आवेदन के लिए आमतौर पर 300 सऊदी रियाल शुल्क लगता है, जिसमें इंश्योरेंस और वैट अलग से जोड़ा जाता है। ई-वीजा मिलने के बाद यात्री उसकी वैधता अवधि के भीतर सऊदी अरब में प्रवेश कर सकते हैं।
सऊदी टूरिज्म अथॉरिटी ने इस फैसले का स्वागत किया है। अथॉरिटी के मुताबिक, इससे पारिवारिक यात्रा, बिजनेस या धार्मिक यात्राओं के लिए आना आसान हो जाएगा और प्रवासियों को वीजा प्रोसेसिंग के लिए अपने गृह देश वापस नहीं जाना पड़ेगा।
उमराह करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पैकेज और प्रवेश नियमों के लिए Nusuk.sa पर जांच करें। उमराह वीजा के लिए हाल ही में 30 दिनों की एंट्री विंडो तय की गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक पोर्टल पर विवरणों की पुष्टि करते रहें क्योंकि नियमों में बदलाव संभव है।