सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों की वीडियो बनाने और शेयर करने पर पाबंदी, उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

रियाद: सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय के तहत काम करने वाले नेशनल सेंटर फॉर सिक्योरिटी ऑपरेशंस ने निवासियों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार ने साफ किया है कि मिसाइलों और ड्रोन के खिलाफ की गई कार्रवाई या उनके गिरने वाली जगहों की वीडियो बनाने, उन्हें प्रकाशित करने या साझा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश 6 अक्टूबर 2026 को पहली बार जारी किया गया था और 19 अक्टूबर तक इसे लगातार दोहराया गया है। यह कदम हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव को देखते हुए उठाया गया है। सऊदी सिविल डिफेंस और नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों की रक्षा के लिए इन प्रतिबंधों का समर्थन किया है।
सऊदी मीडिया मंत्री सलमान अल दोसरी ने कहा कि लोगों को केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य की सुरक्षा के लिए सटीक जानकारी का प्रसार करना बहुत जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मिशनों ने भी इन चेतावनियों को दोहराया है। सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने अपने नागरिकों को स्थानीय नियमों का पालन करने की सलाह दी है। मिशन ने आगाह किया है कि सरकारी इमारतों, हवाई अड्डों या हमलों वाली जगहों की वीडियो बनाने पर हिरासत में लिया जा सकता है। आधिकारिक सुरक्षा अलर्ट के मुताबिक, नियमों का पालन न करने के कारण अब तक कई अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका है।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने भी अपने नागरिकों से स्थानीय कानूनों का सख्ती से पालन करने और प्रतिबंधित तस्वीरों को साझा करने से बचने की अपील की है।
ड्रोन और मिसाइल गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों पर असर पड़ा है। रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट फिलहाल बंद है, जबकि जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों में काफी देरी हो रही है और कई फ्लाइट्स रद्द की गई हैं।
सऊदी अधिकारियों ने वीडियो बनाने पर रोक के उल्लंघन के लिए किसी खास सजा का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ किया है कि सभी दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई होगी।