हूती हमलों की कड़ी निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान का सऊदी अरब ने किया स्वागत

रियाद: सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस अध्यक्षीय बयान का औपचारिक रूप से स्वागत किया है जिसमें हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत देश को अपनी सुरक्षा करने और अपने नागरिकों व निवासियों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
मंत्रालय ने नागरिकों, हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों पर सुरक्षा परिषद द्वारा दिखाए गए एकजुटता के लिए आभार जताया। सऊदी अरब ने लाल सागर और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में समुद्री नेविगेशन के खिलाफ हूती खतरों की निंदा करने के लिए भी परिषद का शुक्रिया अदा किया।
सऊदी अरब ने जोर देकर कहा कि हूतियों तक हथियारों और सैन्य सहायता की पहुंच को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2216 (2015) और उसके बाद के आदेशों को लागू करना जरूरी है।
सुरक्षा परिषद ने अपने बयान में हूतियों द्वारा सैन्य तनाव बढ़ाने की कड़ी निंदा की है। परिषद ने विशेष रूप से 10 और 11 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए लापरवाह हमलों का जिक्र किया, जिनमें लोग मारे गए और कई घायल हुए। इसके अलावा अन्य सऊदी हवाई अड्डों और सऊदी अरामको की सुविधाओं पर हुए हमलों की भी निंदा की गई।
परिषद के सदस्यों ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। परिषद ने हूतियों को मिलने वाली हर तरह की सैन्य सहायता, जिसमें ट्रेनिंग, फंडिंग और तकनीकी मदद शामिल है, को बंद करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की अपील की है।
इसके साथ ही सुरक्षा परिषद ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के प्रति अपना समर्थन दोहराया और देश की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। सदस्यों ने यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग और एक व्यापक राजनीतिक समाधान निकालने के उनके प्रयासों को अपना समर्थन जारी रखा है।