सऊदी अरब में यमनी नागरिकों के रेजिडेंसी दर्जे में सुधार शुरू

रियाद: सऊदी अरब के पासपोर्ट महानिदेशालय ने रविवार से उन यमनी नागरिकों के दर्जे को ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो देश में बिना वैध दस्तावेज़ों के रह रहे हैं। यह फ़ैसला सऊदी अरब के शासक किंग सलमान के निर्देश पर लिया गया है। यमन की राष्ट्रपति परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी के औपचारिक अनुरोध के बाद यह पहल सामने आई है।
महानिदेशालय ने मंच X पर जारी आधिकारिक बयान में बताया कि दर्जा सुधार के लिए चार श्रेणियां तय की गई हैं। हर श्रेणी की अपनी शर्तें और रास्ता है, इसलिए अपनी स्थिति समझना ज़रूरी है।
- पहली श्रेणी: जिनके पास यमनी पहचान पत्र या पासपोर्ट नहीं है, उन्हें छह महीने के लिए मुफ़्त विज़िट वीज़ा मिलेगा। इसके लिए 'अबशेर' प्लेटफ़ॉर्म पर अपॉइंटमेंट लेनी होगी, कोई दर्जा सुधार केंद्र चुनना होगा और वहां नागरिकता का प्रमाण देना होगा, जैसे पासपोर्ट या दूतावास से जारी यात्रा दस्तावेज़।
- दूसरी श्रेणी: जिनका विज़िटर पहचान पत्र या विज़िट वीज़ा खत्म हो चुका है, लेकिन उनकी फ़िंगरप्रिंट पहले से सिस्टम में दर्ज हैं, उनका वीज़ा बिना पासपोर्ट दफ़्तर जाए अपने आप छह महीने के लिए बढ़ जाएगा। शर्त इतनी है कि वैध पासपोर्ट हो।
- तीसरी श्रेणी: जिनका रेजिडेंसी परमिट खत्म हो गया है, वे वैध यात्रा दस्तावेज़ के साथ 'अबशेर', 'क़िवा' और 'मुसानेद' जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से नए नियोक्ता के पास सेवाएं ट्रांसफ़र कर सकते हैं। इसके लिए सरकारी दफ़्तर जाने की ज़रूरत नहीं होगी। जो लोग देश छोड़ना चाहते हैं, उन्हें बिना किसी दंड के अंतिम निकास वीज़ा मिल सकता है, जिससे आगे वापसी पर रोक नहीं लगेगी।
- चौथी श्रेणी: जिन लोगों को पहले भागे हुए कर्मचारी (absconding) के रूप में दर्ज किया गया था, वे भगोड़े होने की रिपोर्ट रद्द करवाकर अपना दर्जा साफ़ कर सकते हैं। इसके बाद वे उन्हीं डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से नए नियोक्ता के पास सेवाएं ट्रांसफ़र कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास वैध यात्रा दस्तावेज़ हों।
महानिदेशालय के अनुसार ये दर्जा सुधार केंद्र सीमा सुरक्षा कानून के तहत काम कर रहे हैं। ये केंद्र पूरे देश में फैले हैं। रियाद में चार, मक्का में दो, असीर में तीन, जीज़ान में दो, पूर्वी प्रांत में तीन और अल-जौफ़ में दो केंद्र बनाए गए हैं। यानी ज़्यादातर प्रमुख इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पहुंच आसान रहेगी।
किसे क्या करना होगा
सबसे अहम बात यह है कि ज़्यादातर सुविधाएं डिजिटल तरीके से मिलेंगी। लेकिन पहली श्रेणी में केंद्र पर जाना अनिवार्य है और कई मामलों में व