Saudi Arabia: सऊदी अरब में फंसे श्रीलंकाई तमिल को मौत की सजा, हिंदू मुन्नानी ने लगाई केंद्र से गुहार

Nura Basta24 September 20263 min read141 viewsSaudi
Saudi Arabia: सऊदी अरब में फंसे श्रीलंकाई तमिल को मौत की सजा, हिंदू मुन्नानी ने लगाई केंद्र से गुहार

सऊदी अरब से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है जहाँ सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी के कारण श्रीलंका के रहने वाले एक तमिल नागरिक को मौत की सजा सुनाई गई है। इस घटना के बाद से प्रवासी मजदूरों के बीच चिंता का माहौल बन गया है और लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि सोशल मीडिया पर क्या लिखा जाना चाहिए और क्या नहीं। इस पूरे मामले में अब भारत की एक प्रमुख संस्था ने दखल देने की मांग की है ताकि इस बड़ी सजा को रुकवाया जा सके और उस व्यक्ति की जान बचाई जा सके।

क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब में मौत की सजा पाने वाले व्यक्ति की पहचान Sivarasa Anojan (जिसे Sivarajan Anojan भी कहा जाता है) के रूप में हुई है जो मूल रूप से श्रीलंका के पूर्वी प्रांत के कलमुनाई के नार्पिटिमुनई का रहने वाला है। यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि श्रीलंका में एक व्यक्ति ने भगवान शिव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ अपमानजनक बातें लिखी थीं। इसके जवाब में श्रीलंकाई तमिल बोलने वाले अनोयान ने अपनी बात रखी और इस दौरान पैगंबर मोहम्मद को लेकर भी एक सवाल उठा दिया। इसके बाद किसी ने इस पोस्ट की शिकायत अरबी भाषा में सऊदी अरब की सरकार से कर दी। अनोयान ने इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली थी, लेकिन इसके बावजूद कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती चली गई।

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अदालत का फैसला और सजा में बढ़ोतरी

शुरुआत में इस मामले की सुनवाई अल-अहसा क्रिमिनल कोर्ट में हुई थी। कोर्ट ने 15 जुलाई को फैसला सुनाते हुए अनोयान को पांच साल की कैद और तीन मिलियन सऊदी रियाल के जुर्माने की सजा दी थी। यह सजा सऊदी अरब के एंटी-साइबर क्राइम कानून के अनुच्छेद 6 के तहत दी गई थी। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका और सऊदी अरब की शीर्ष अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपील दायर कर दी। अपील के बाद लगभग तीन दिन पहले शीर्ष अदालत ने पांच साल की जेल की सजा को बढ़ाकर मौत की सजा में बदल दिया और साथ ही जुर्माना राशि को भी बहुत ज्यादा बढ़ा दिया गया।

हिंदू मुन्नानी ने की भारत सरकार और श्रीलंका से हस्तक्षेप की मांग

इस कड़े फैसले के बाद भारत में संगठन हिंदू मुन्नानी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को हिंदू मुन्नानी के सदस्यों ने चेन्नई के नुंगमक्कम स्थित श्रीलंकाई उप उच्चायोग कार्यालय में एक याचिका सौंपी। संगठन ने मांग की है कि इस सजा को तुरंत रद्द किया जाए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए हिंदू मुन्नानी के राज्य प्रवक्ता A.T. Elangovan ने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर कुछ लिखने के लिए इतनी बड़ी सजा देना बिल्कुल सही नहीं है। उन्होंने कहा कि न केवल श्रीलंका के राजनयिकों को बल्कि भारत के प्रधानमंत्री को भी इस मामले में दखल देना चाहिए ताकि इस सजा पर रोक लग सके और उस व्यक्ति की जान बचाई जा सके। Gulf देशों में काम करने वाले सभी प्रवासियों के लिए यह घटना एक बड़ा सबक है कि उन्हें सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत सावधानी से करना चाहिए।

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