सऊदी पर हूती मिसाइलों का बड़ा हमला, UAE ने ईरान की सभी उड़ानें रोकी

सऊदी अरब पर पिछले 24 घंटों में यमन के हूती विद्रोहियों ने 6 बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला किया है. सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने इन सभी मिसाइलों को उनके ठिकानों तक पहुँचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया है. इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ईरान आने-जाने वाली सभी एयरलाइन उड़ानों को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है, जिसका सीधा असर क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ रहा है.
सऊदी अरब पर मिसाइल हमला और बचाव
ये हमले मुख्य रूप से ताएफ़ (Taif) शहर और लाल सागर पर स्थित सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल केंद्र यानबू (Yanbu) को निशाना बनाकर किए गए थे. इन हमलों के तुरंत बाद मक्का (Mecca), जेद्दा (Jeddah), ताएफ़ (Taif) और यानबू (Yanbu) जैसे बड़े शहरों में सिविल डिफेंस के सायरन बज उठे, जिससे पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा हो गया. गठबंधन के प्रवक्ता, मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की है कि सभी छह मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया और कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाई. दूसरी ओर, हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने एक बयान में दावा किया कि उनकी मिसाइलें, क्रूज़ मिसाइलें और ड्रोन यानबू में अरामको (Aramco) सुविधाओं और रियाद (Riyadh) में एक संवेदनशील लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाने में कामयाब रहे, हालाँकि सऊदी अधिकारियों ने रियाद में किसी भी तरह के नुकसान या हमले की पुष्टि नहीं की है.
सऊदी मुफ्ती का निर्देश और अंतरराष्ट्रीय निंदा
इस बढ़ती क्षेत्रीय अशांति के जवाब में, सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती, शेख सालेह बिन फौजान अल-फौजान ने देश की रक्षा में जुटे अग्रिम पंक्ति के सैनिकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. उन्होंने राष्ट्र और दो पवित्र मस्जिदों की रक्षा को अल्लाह की इबादत का एक नेक कार्य बताया, जिसमें देश के लिए अपने जीवन का बलिदान भी देना पड़ सकता है. उन्होंने हूती समूह को पूरी तरह से हराने और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को बहाल करने का भी आह्वान किया है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है. कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया. जीसीसी (GCC) के महासचिव जासेम अलबुदैवी ने छह सदस्य देशों के इस ब्लॉक की ओर से सऊदी की संप्रभुता के लिए पूर्ण समर्थन का वादा किया है. मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने इन हमलों को धोखे से किए गए आतंकवादी कृत्य बताया है.
UAE ने ईरान की सभी उड़ानें रोकीं
इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के GCAA (जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गुरुवार, 24 सितंबर से ईरान आने-जाने वाली सभी उड़ानों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है. इस फैसले के पीछे संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों को मुख्य कारण बताया गया है. इस कदम से प्रभावी रूप से दुबई ईरानी एयरलाइंस के लिए एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र के रूप में बंद हो गया है. यह फैसला उन भारतीय प्रवासियों और यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो अक्सर दुबई के रास्ते ईरान या अन्य जगहों की यात्रा करते हैं, क्योंकि इससे उनकी यात्रा योजनाओं पर सीधा असर पड़ सकता है.
क्षेत्रीय सुरक्षा और यमन संघर्ष
क्षेत्रीय सुरक्षा अगस्त 2026 के मक्का आपसी-रक्षा समझौते (Makkah mutual-defence pact) के तहत अभी भी बेहद कड़ी बनी हुई है. इस महत्वपूर्ण समझौते के तहत, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने अपने सेना प्रमुखों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है. फ्रांस ने भी यानबू (Yanbu) की सुरक्षा में मदद के लिए सैन्य सहायता की पेशकश की है. इस बीच, यमन में भी भीषण लड़ाई जारी है, जहाँ सरकारी-समर्थित बलों ने ताइज़-एडेन (Taiz-Aden) आपूर्ति मार्ग पर नियंत्रण बनाए रखने की सूचना दी है. पिछले 48 घंटों में दोनों पक्षों के सैकड़ों लड़ाके इस संघर्ष में मारे गए हैं. हूती विद्रोही अभी भी यमन के लाल सागर तटरेखा और बाब अल-मंडेब (Bab al-Mandeb) जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए हैं, जिससे वैश्विक तेल बाजार में लगातार अस्थिरता बनी हुई है.