दुशांबे में हुई एससीओ बैठक में सदस्य देशों ने आर्थिक सहयोग और निवेश प्रोजेक्ट्स के साथ डिजिटल ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म की समीक्षा की

Gautam Sahu21 October 20262 min read0 viewsWorld
दुशांबे में हुई एससीओ बैठक में सदस्य देशों ने आर्थिक सहयोग और निवेश प्रोजेक्ट्स के साथ डिजिटल ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म की समीक्षा की

दुशांबे (ताजिकिस्तान): शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने दुशांबे में आयोजित 25वीं बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग, निवेश परियोजनाओं और एक प्रस्तावित डिजिटल ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म की समीक्षा की है। ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसुलजोडा ने मंगलवार को बैठक के बाद बताया कि चर्चाओं का मुख्य केंद्र व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना था।

प्रधानमंत्री रसुलजोडा ने कहा कि बैठक में सदस्य देशों के बीच समन्वय तंत्र को बेहतर बनाने, सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग बढ़ाने और संयुक्त पहलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उन्होंने जानकारी दी कि ताजिकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान संगठन ने 30 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

बैठक में साल 2026-2030 के लिए व्यापार और आर्थिक सहयोग की कार्ययोजना पर विचार किया गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय परिवहन के विकास के लिए एससीओ डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने की अवधारणा और निवेश व सहयोग परियोजनाओं के डेटाबेस से जुड़े दस्तावेज पर भी चर्चा हुई।

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सदस्य देशों के बीच औद्योगिक और व्यावसायिक सहयोग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें स्टार्टअप्स को समर्थन देने और एंटीट्रस्ट पॉलिसी पर सहयोग सुधारने की बातें भी शामिल रहीं। रसुलजोडा के मुताबिक, प्रतिभागियों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों पर आधारित एक खुली और समावेशी व्यापार प्रणाली की जरूरत पर जोर दिया।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय रेल परिवहन, ऊर्जा, कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कनेक्टिविटी की पहल में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो परियोजनाएं इन सिद्धांतों पर आधारित नहीं होंगी, वे टिकाऊ नहीं रह पाएंगी।

राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे और चाबहार बंदरगाह का जिक्र करते हुए कहा कि ये पहल मध्य एशिया को बड़े बाजारों से जोड़ सकती हैं और व्यापार को आसान बना सकती हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता और इससे निपटने में कोई दोहरा मानदंड नहीं होना चाहिए।

बैठक के अंत में प्रतिनिधिमंडलों ने 25वीं एससीओ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की संयुक्त कम्यूनिके को अपनाया। इसमें साल 2027 के लिए संगठन के बजट और 2026-2030 के लिए बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।

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