होर्मुज़ हमले में लापता नाविक: यूनियन ने सरकार से तुरंत स्थिति स्पष्ट करने की मांग की

सोहार, ओमान: होर्मुज़ हमले में लापता नाविकों को लेकर चिंता बढ़ गई है। फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सरकार से दो भारतीय नाविकों की मौजूदा स्थिति पर तत्काल अपडेट मांगा है। ये दोनों नाविक 11 अक्टूबर को सोहar एंकरेज के पास एक ड्रोन हमले में एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर सवार थे और उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला है।
यूनियन ने लापता नाविकों की पहचान बीर बहादुर यादव और अमित सिंह के रूप में की है। संगठन ने अधिकारियों से यह पुष्टि करने को कहा है कि दोनों कहां हैं और उनकी हालत कैसी है। साथ ही उसने मांग की है कि उनके परिवारों को हर स्तर पर पूरी मदद मिले, ताकि उन्हें इस अनिश्चितता में अकेला न छोड़ा जाए।
जहाज़ पर कितने भारतीय थे
केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि निकारागुआ के झंडे वाले इस टैंकर पर घटना के समय 11 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से नौ सुरक्षित बचा लिए गए हैं। बाकी दो की तलाश के लिए ओमान तटरक्षक बल के नेतृत्व में खोज और बचाव अभियान अब भी जारी है।
मंत्री ने एक और घटना का भी जिक्र किया। उसी दिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य में मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एमटी वाल्थेरा पर किसी अज्ञात प्रक्षेप्य से हमला हुआ। जहाज़ पर आग लगी, फिर भी उस पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित पाए गए।
विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को गहरी चिंता का विषय बताया है। मंत्रालय के अनुसार इनसे क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता को खतरा है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों और जहाज़ प्रबंधन कंपनियों के सं