अमेरिका-ईरान युद्ध: तेल कंपनियों के मुनाफे पर भड़के सीनेटर वैन होलेन, कहा- आम जनता के दर्द से कमाई जा रही दौलत

अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने आरोप लगाया कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच बड़ी तेल कंपनियों ने 130 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया है।

Gautam Sahu31 October 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका-ईरान युद्ध: तेल कंपनियों के मुनाफे पर भड़के सीनेटर वैन होलेन, कहा- आम जनता के दर्द से कमाई जा रही दौलत

वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को 'अवैध और निरर्थक' बताते हुए बड़ी तेल कंपनियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी 'बिग ऑयल' दिग्गजों ने इस संघर्ष के दौरान 130 अरब डॉलर का भारी मुनाफा कमाया है।

वैन होलेन ने कहा कि जहां कंपनियां अरबों डॉलर बटोर रही हैं, वहीं अमेरिकी परिवारों को ईंधन के खर्च में 1,100 डॉलर से अधिक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा है। सीनेटर के मुताबिक, ये कॉर्पोरेशन सीधे तौर पर कामकाजी लोगों के दर्द से मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने जान बचाने और नागरिकों के आर्थिक दबाव को कम करने के लिए युद्ध खत्म करने की अपील की है।

यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को तब शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरानी ठिकानों पर सैन्य अभियान चलाया था। तब से वैन होलेन इस युद्ध की आलोचना कर रहे हैं और कांग्रेस से इसकी फंडिंग रोकने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सैन्य अभियानों के दायरे को सीमित करने के लिए युद्ध शक्ति प्रस्ताव भी पेश किए थे।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सीनेटर ने ट्रंप प्रशासन पर यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि सरकार ने जानबूझकर युद्ध में होने वाली आधिकारिक मौतों के आंकड़ों को जनता से छिपाकर रखा है।

दूसरी ओर, 31 अक्टूबर 2026 को इस स्थिति पर बोलते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन इस लड़ाई को खत्म करने की कोई जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने इसे एक 'सामान्य युद्ध' नहीं बताया और दावा किया कि समय का रणनीतिक लाभ अमेरिका के पास है।

राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, तेहरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन ईरानी सरकार आंतरिक मुश्किलों से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि ईरान अपनी सेना और पुलिस बल को वेतन देने में भी असमर्थ है।

राजनयिक रास्ते अभी खुले हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई है। अमेरिका की शर्त है कि किसी भी औपचारिक बातचीत में ईरान का परमाणु कार्यक्रम मुख्य मुद्दा होना चाहिए। वहीं, ईरानी सरकार का कहना है कि जब तक अमेरिका नाकेबंदी खत्म नहीं करता और तेल निर्यात पर पाबंदियां नहीं हटाता, वह व्यापक बातचीत में शामिल नहीं होगा।

Share:

Comments

Leave a comment