सिंध के उमेरकोट में विरोध प्रदर्शन पर पुलिस रेड की शफी बुरफात ने की निंदा, कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की

उमेरकोट (पाकिस्तान): जेय सिंध मुत्तहिदा महज़ (JSMM) के अध्यक्ष शफी मोहम्मद बुरफात ने पाकिस्तान के सिंध प्रांत के उमेरकोट जिले में एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई छापेमारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पार्टी नेता आकाश मल्लाह, रमजान खसखेली और हिरासत में लिए गए अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने की मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक बयान में बुरफात ने इन गिरफ्तारियों को राजनीतिक सक्रियता और सिंधी राष्ट्रवाद को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ बल का प्रयोग राज्य के उत्पीड़न को दर्शाता है। बुरफात ने अधिकारियों से कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित उत्पीड़न को खत्म करने की अपील की है।
बुरफात ने कहा कि शांतिपूर्ण राजनीतिक विरोध हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने से सिंध के लोगों की राजनीतिक मांगों और आकांक्षाओं को चुप नहीं कराया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनका संगठन इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और अन्य संबंधित मंचों पर उठाएगा। इसका मकसद प्रांत में शांतिपूर्ण सभा के अधिकार और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को उजागर करना है।
बुरफात के बयान के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान आकाश मल्लाह, रमजान खसखेली और कई अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या और गिरफ्तारी की परिस्थितियों के बारे में पुलिस का पक्ष तुरंत उपलब्ध नहीं हो सका।
यह घटना सिंध में लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव के बीच हुई है। यहां राष्ट्रवादी समूह प्रांतीय स्वायत्तता, प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और कार्यकर्ताओं के साथ होने वाले व्यवहार पर चिंता जताते रहे हैं। जेय सिंध मुत्तहिदा महज़ एक सिंधी राष्ट्रवादी संगठन है जो सिंध के आत्मनिर्णय की मांग करता रहा है।