शारजाह तट पर ड्रोन हमला: तेल टैंकर में आग, 22 भारतीय क्रू सुरक्षित

शारजाह: शारजाह एंकोरेज के पास समुद्र में एक और जहाज़ निशाने पर आ गया। पनामा झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर MT GEM NO. 2 पर ड्रोन या किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज़ पर आग लग गई। राहत की बात यह है कि 22 सदस्यों वाले इस पूरी तरह भारतीय क्रू ने खुद आग बुझा ली और किसी को चोट नहीं आई। यह घटना अल जज़ीरा से लगभग 13 नॉटिकल मील पश्चिम में, शुक्रवार को करीब 1000 GMT पर हुई।
केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर बयान जारी कर बताया कि जहाज़ पर सवार सभी 22 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। अधिकारी जहाज़ की प्रबंधन कंपनी, ताइपे स्थित Global Energy Maritime Co Ltd, के साथ तालमेल बनाए हुए हैं। जहाज़ का संचालन Fleet Management Ltd करती है। यह 330 मीटर लंबा, 302,783 DWT क्षमता वाला टैंकर है, जिसे 2017 में Japan Marine United ने बनाया था।
UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के मुताबिक हमले के बाद जहाज़ ने संकट का संकेत (distress alert) भेजा था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इसी हफ्ते पहले भी इलाके में जहाज़ों पर हमले हो चुके हैं। इससे पहले पनामा झंडे वाले MT On Peace पर हमला हुआ था, जिसमें 11 भारतीय क्रू सदस्य घायल हुए थे। उन्हें ओमान के खसाब ले जाया गया।
पिछले छह महीनों में बढ़ता खतरा
पश्चिम एशिया में संकट शुरू होने के बाद से, यानी 28 फरवरी 2026 से, फारस की खाड़ी और काला सागर क्षेत्र में कम से कम 11 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। भारत सरकार अब तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास से 4,200 से ज़्यादा नाविकों को वापस ला चुकी है। एहतियात के तौर पर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन ने होर्मुज़ से होकर भारतीय कर्मियों की नई तैनाती पर रोक लगा दी है।
विदेश मंत्रालय ने नागरिक जहाज़ों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय खाड़ी के पानी में काम कर रहे हज़ारों भारतीय नाविकों की स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि इस बार क्रू ने हिम्मत और सूझबूझ से हालात संभाल लिए, लेकिन इस समुद्री रास्ते पर खतरा अभी टला नहीं है।