शारजाह कोर्ट ने भारतीय प्रवासी को किया बरी, 1.04 लाख दिरहम के विला किराया फ्रॉड में थी जेल

शारजाह की अदालत ने 1.04 लाख दिरहम के विला रेंटल धोखाधड़ी मामले में भारतीय प्रवासी को बरी कर दिया है।

Aanya4 November 20262 min read0 viewsUAE
शारजाह कोर्ट ने भारतीय प्रवासी को किया बरी, 1.04 लाख दिरहम के विला किराया फ्रॉड में थी जेल

शारजाह: शारजाह की एक अदालत ने विला रेंटल फ्रॉड के मामले में एक भारतीय प्रवासी को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह व्यक्ति दुबई की एक नामी कंपनी में वरिष्ठ पद पर कार्यरत है। इससे पहले निचली अदालत ने उसे एक साल की जेल और उसके बाद देश से निर्वासन (डिपोर्टेशन) की सजा सुनाई थी।

यह पूरा मामला करीब 1.04 लाख दिरहम (लगभग 24 लाख रुपये) की कथित रेंटल धोखाधड़ी से जुड़ा था। आरोपी व्यक्ति अपने पिता के साथ शारजाह में एक विला का संयुक्त मालिक था। उसने विला को किराए पर देने के लिए एक रियल एस्टेट कंपनी को प्रॉपर्टी के दस्तावेज दिए थे ताकि विज्ञापन निकाला जा सके।

दस्तावेज देने के बावजूद, उसने रियल एस्टेट फर्म को किराया वसूलने या लीज एग्रीमेंट फाइनल करने का कोई पावर ऑफ अटॉर्नी नहीं दिया था। इसके बावजूद, एक ब्रोकर ने एक महिला किराएदार से 1.04 लाख दिरहम का वार्षिक किराया वसूला और उस रकम को अपने निजी खाते में जमा कर लिया।

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जांच में सामने आया कि ब्रोकर ने मालिक जैसा दिखने वाला एक फर्जी ईमेल एड्रेस बनाया था। इसके जरिए उसने किराएदार को यह विश्वास दिलाया कि उसके पास भुगतान वसूलने का अधिकार है। जब किराएदार को 10 दिनों बाद भी विला का कब्जा नहीं मिला, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले की जानकारी तब मिली जब आरोपी व्यक्ति अपने गृह देश की यात्रा के लिए दुबई एयरपोर्ट पहुंचा और वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

अपील सुनने के बाद शारजाह कोर्ट ऑफ अपील ने फैसला सुनाया कि केवल प्रॉपर्टी का मालिक होना या विज्ञापन के लिए दस्तावेज देना किसी अपराध में शामिल होने का सबूत नहीं है। अदालत ने पाया कि आरोपी को इस धोखाधड़ी की योजना से जोड़ने वाला कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है, जिसके बाद उसकी सजा रद्द कर उसे बरी कर दिया गया।

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