शारजाह के पास ड्रोन हमला: टैंकर में आग, 22 भारतीय नाविक सुरक्षित

Nura Basta10 October 20262 min read0 viewsUAE
शारजाह के पास ड्रोन हमला: टैंकर में आग, 22 भारतीय नाविक सुरक्षित

शारजाह, यूएई: यूएई के शारजाह तट से दूर लंगर डालकर खड़े एक विशाल कच्चे तेल के टैंकर पर ड्रोन से हमला हुआ। पनामा झंडे वाले इस जहाज़ MT GEM NO. 2 पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित बच गए। हमले के बाद जहाज़ पर आग लगी, जिसे चालक दल ने समय रहते बुझा लिया।

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को करीब सुबह 10 बजे (GMT) अल जज़ीरा से लगभग 13 नॉटिकल मील पश्चिम में एक अज्ञात प्रक्षेप्य जहाज़ से टकराया। यह 2017 में बना VLCC टैंकर है और हमले के वक्त पूरी तरह तेल से लदा था। यानी जहाज़ पर कच्चे तेल का भारी भंडार था, इसलिए आग पर काबू पाना बड़ी चुनौती थी।

केंद्रीय जहाज़रानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर पोस्ट करके इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मंत्रालय स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जहाज़ प्रबंधन कंपनी के साथ तालमेल करके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

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खाड़ी में बढ़ते खतरे की पूरी तस्वीर

यह घटना अकेली नहीं है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाज़ों पर लगातार हमले हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस संघर्ष के बाद खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 11 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है, जबकि काला सागर में पांच और मौतें दर्ज हुई हैं।

इससे पहले ओमान के पास MV Cape Dao पर सवार उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी 26 वर्षीय सूरज यादव की मौत हो चुकी है। इसके अलावा MT On Peace और MT Kazimah III पर भी हमले हुए थे।

भारत दुनिया में नाविक उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़े देशों में दूसरे नंबर पर है। खाड़ी के पानी में करीब 23,000 भारतीय नाविक काम कर रहे हैं, जिनमें से 12,800 से ज़्यादा सिर्फ यूएई में हैं। अब तक होर्मुज़ क्षेत्र से 4,200 से अधिक भारतीय नाविकों को वापस लाया जा चुका है, लेकिन अधिकारी मानते हैं कि दर्जनों नाविक अब भी खतरनाक इलाकों में फंसे हैं।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले रूटों पर कर्मचारी भेजने के खिलाफ एडवाइज़री जारी की है। भारतीय दूतावास और मिशन स्थानीय अधिकारियों और जहाज़ प्रबंधकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार संयुक्त राष्ट्र के जहाज़रानी और नाविकों की सुरक्षा पर बने ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स के ज़

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