शारजाह में अवैध बैचलर और साझा आवासों पर लगाम लगाने के लिए संयुक्त समिति गठित

शारजाह सरकार ने अमीरात में बढ़ रहे अवैध आवासों और ओवरक्राउडेड (भीड़भाड़ वाले) घरों की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शारजाह कार्यकारी परिषद ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक में एक स्थायी संयुक्त समिति के गठन का फैसला किया है। इस बैठक की अध्यक्षता क्राउन प्रिंस और डिप्टी रूलर शेख सुल्तान बिन मोहम्मद बिन सुल्तान अल कासिमी ने की, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य आवासीय नियमों के उल्लंघन को रोकना है। अब तक निरीक्षण का काम नगर पालिका, पुलिस और बिजली-पानी विभागों द्वारा अलग-अलग किया जाता था, लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया को एक ही छत के नीचे लाकर केंद्रीकृत किया जाएगा। इस समिति की कमान नगर पालिका मामलों के विभाग के अध्यक्ष संभालेंगे।
इन विभागों की होगी निगरानी और सख्त कार्रवाई
इस संयुक्त समिति में शारजाह नगर पालिका, पब्लिक प्रॉसिक्यूशन, शारजाह पुलिस, सिविल डिफेंस, शारजाह इलेक्ट्रिसिटी, वॉटर एंड गैस अथॉरिटी (SEWA) और आर्थिक विकास विभाग जैसे प्रमुख निकाय शामिल होंगे। यह समिति मकान मालिकों और किरायेदारों, दोनों की निगरानी करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं।
समिति मुख्य रूप से निम्नलिखित अवैध गतिविधियों पर निशाना साधेगी:
- फ्लैट्स के बीच अवैध विभाजन (Partitioned flats)।
- बेड-स्पेस रेंटल (Bed-space rentals)।
- इमारतों में बिना अनुमति के किए गए बदलाव।
- पारिवारिक क्षेत्रों (Family zones) में घोषित किए बिना लेबर कैंप के रूप में उपयोग किए जा रहे घर।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शारजाह के मौजूदा कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा। सिविल डिफेंस और SEWA की भागीदारी के कारण, अब नियमों को तोड़ने वालों की बिजली-पानी की सप्लाई काटी जा सकती है या पुलिस की मदद से ऐसे आवासों को पूरी तरह बंद किया जा सकता है। हालांकि, जुर्माने की सटीक राशि और निरीक्षण के शुरुआती क्षेत्रों की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिसकी उम्मीद भविष्य की रिपोर्टों में है।