Sharjah Oman Corridor: शारजाह और ओमान के बीच व्यापार में भारी उछाल, कार्गो वैल्यू में 66% की बढ़ोतरी.

शारजाह और ओमान के बीच शुरू किए गए लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर ने शुरुआती तीन महीनों में ही व्यापार के मामले में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। इस एकीकृत समुद्री और सड़क परिवहन मॉडल के जरिए दोनों देशों के बीच कारोबार में भारी तेजी देखने को मिली है, जिससे आयातकों और निर्यातकों को बहुत फायदा हुआ है।
शुरुआती तीन महीनों में कारोबार का हाल
शारजाह पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री जोन्स ऑथॉरिटी ने ओमान कस्टम्स के साथ मिलकर इस कॉरिडोर को 17 मई 2026 को लॉन्च किया था। शुरुआती तीन महीनों के प्रदर्शन के आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान कुल कार्गो वैल्यू लगभग 1.7 अरब दिरहम (AED 1.7 billion) तक पहुंच गई। पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले कार्गो वैल्यू में 66.26% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो व्यापार गतिविधियों और व्यावसायिक मांग में आई तेजी को साफ दिखाती है। इस तय समय में कॉरिडोर के जरिए 32,000 से अधिक कस्टम्स डिक्लेरेशन प्रोसेस किए गए और 34,000 से ज्यादा ट्रक मूवमेंट को मंजूरी दी गई।
व्यापारियों के लिए आसान हुआ रास्ता
यह लॉजिस्टिक्स नेटवर्क शारजाह और यूएई के अन्य बंदरगाहों को ओमान के सोहर, दुक्म और सलालाह से जोड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया को कलबा स्थित खत्म मलहा बॉर्डर क्रॉसिंग और अल मदन बॉर्डर क्रॉसिंग के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। खत्म मलहा बॉर्डर सोहर पोर्ट से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि अल मदन बॉर्डर मुख्य सड़क नेटवर्क तक सीधी पहुंच देता है, जिससे कारोबारियों को अपने सामान के आने-जाने के लिए कई बेहतरीन विकल्प मिलते हैं।
अधिकारियों का बयान और सहयोग
इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए शारजाह कस्टम्स, बॉर्डर क्रॉसिंग्स एंड एंट्री पॉइंट्स अफेयर्स सेक्टर, शारजाह पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री जोन्स ऑथॉरिटी के विभिन्न विभागों, यूएई के संघीय और स्थानीय निकायों और ओमान के अधिकारियों ने मिलकर काम किया है। इस आपसी सहयोग का मुख्य उद्देश्य कस्टम्स की प्रक्रियाओं को सरल बनाना और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में लगने वाले समय को कम करना था। शारजाह पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री जोन्स ऑथॉरिटी के बॉर्डर क्रॉसिंग्स एंड एंट्री पॉइंट्स अफेयर्स के डायरेक्टर मोहम्मद इब्राहिम अल रायसी ने बताया कि इस कॉरिडोर के शुरुआती परिणाम क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने में इस एकीकृत व्यवस्था की सफलता को बयां करते हैं।