शारजाह पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया

शारजाह (यूएई): शारजाह पुलिस ने यूएई के आंतरिक मंत्रालय के साथ मिलकर सीमा पार फैले एक संगठित आपराधिक गिरोह को ध्वस्त कर दिया है। 'End of Battle' नाम के इस ऑपरेशन में 12 अलग-अलग देशों के 33 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें नेटवर्क के वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं।
गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को शारजाह पुलिस के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल्ला मुबारक बिन आमेर और शारजाह के अटॉर्नी जनरल अनवर अल-हरमूदी ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। उनके मुताबिक गिरोह चार अलग-अलग समूहों में बंटा था। एक समूह साइबर हैकिंग और डेटा चोरी करता था, जबकि दूसरा वर्चुअल और क्रिप्टोकरेंसी संपत्तियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग संभालता था।
तीसरा समूह सोशल इंजीनियरिंग और डिजिटल वॉलेट की चोरी में लगा था। चौथा समूह डराने-धमकाने और शारीरिक बल का इस्तेमाल करके पीड़ितों से उनके डिजिटल वित्तीय खातों तक पहुंच दिलवाता था। आरोपी बंद डिजिटल नेटवर्क के जरिए काम करते थे और खुद को संपन्न निवेशक और कारोबारी बताते थे।
जांच में पता चला कि नेटवर्क ने दुनिया भर की 30 से ज्यादा कंपनियों और संगठनों को निशाना बनाया। अधिकारियों ने 200 मिलियन दिरहम से ज्यादा नकद जब्त किए और 65 अरब दिरहम से अधिक मूल्य की संपत्तियां सुरक्षित कीं। इसके अलावा 3,000 से अधिक डिजिटल वॉलेट का ऑडिट किया गया।
आरोपियों पर 8.8 अरब दिरहम (लगभग 2.4 अरब डॉलर) की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। लेफ्टिनेंट जनरल आमेर ने बताया कि नेटवर्क ने अपनी गतिविधियां छिपाने के लिए कई परतों वाली एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल किया, और उसका काम एक ही तरह के अपराध तक सीमित नहीं था। अटॉर्नी जनरल अल-हरमूदी ने पुष्टि की कि सदस्यों की भूमिकाएं अलग-अलग और आपस में जुड़ी थीं, धोखाधड़ी और हैकिंग से पैसा जुटाने से लेकर उसे रियल एस्टेट और वैध वित्तीय क्षेत्रों में लगाने तक।