Sharjah Police का बड़ा बयान, हत्या मामले में लापता परिवार को लेकर फैलाई गई अफवाहें झूठी.

शारजाह पुलिस जनरल कमांड ने हाल ही में एक सनसनीखेज हत्या मामले को लेकर चल रही तमाम अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। पुलिस ने साफ किया कि पिछले महीने मारे गए एक एशियाई नागरिक के परिवार के सदस्यों के लापता होने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद और गलत थीं। Sharjah Police ने 25 सितंबर 2026 को जारी अपने आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी, जिसे बाद में Dubai Eye 1038 ने 26 सितंबर 2026 को प्रसारित किया था। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि वे सभी लोग आपराधिक जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपने गृह देश सुरक्षित लौट गए थे। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए ऐसी खबरें अक्सर चिंता का विषय बन जाती हैं, इसलिए पुलिस ने स्पष्ट किया कि परिवार के किसी भी सदस्य के लापता होने की कोई भी आधिकारिक शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी।
हत्या के मामले में हुई बड़ी प्रगति
यह पूरा मामला एक गंभीर अपराध से जुड़ा है जिसमें एक व्यक्ति की हत्या करके उसके शव के टुकड़े एक वाहन के अंदर छिपाकर फेंके गए थे। इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद से ही कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई थीं। पुलिस ने मृतक के बेटे की तरफ से दिए गए डीएनए सैंपल के जरिए उसकी पहचान करने में सफलता हासिल की। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए आपराधिक जांच टीमों ने इस जघन्य अपराध में शामिल सभी संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए इस केस की फाइल को आधिकारिक तौर पर पब्लिक प्रॉसिक्यूशन यानी लोक अभियोजन विभाग के पास आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों का सच
पुलिस की तरफ से यह स्पष्टीकरण आने से पहले, 23 सितंबर से 24 सितंबर 2026 के बीच मीडिया और सोशल मीडिया पर कई तरह की रिपोर्ट सामने आई थीं। इन रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि मृतक की पत्नी और बेटे से संपर्क टूट गया है और वे लापता हैं, जिससे लोगों के बीच तरह-तरह की अटकलें लगने लगी थीं। इन अफवाहों में यह बात भी कही गई थी कि पीड़ित परिवार की तरफ से आरोप लगाया गया था कि व्यक्ति की मौत के बाद उसके बैंक खाते से पैसे निकाले गए। परिवार का यह भी कहना था कि उनके पास मौत का प्रमाण पत्र यानी डेथ सर्टिफिकेट मौजूद है और वे एफआईआर यानी फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट की कॉपी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इन तमाम चर्चाओं के बीच आम लोगों और प्रवासियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
पुलिस की कड़ी चेतावनी और अपील
इस तरह की गलत जानकारियों और अफवाहों के फैलने के बाद, शारजाह पुलिस ने आम जनता और मीडिया संस्थानों को कड़ी सलाह दी है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी आपराधिक मामले या पुलिस जांच से जुड़ी खबरों के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए। पुलिस ने चेतावनी दी कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की रिपोर्ट को प्रकाशित करना या सोशल मीडिया पर शेयर करना आम जनता को भ्रमित कर सकता है। साथ ही, इससे चल रही कानूनी और अदालती कार्यवाही में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। खाड़ी देशों में रहने वाले सभी प्रवासियों को हमेशा यही सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संवेदनशील खबर पर विश्वास करने से पहले स्थानीय सरकारी विभागों या आधिकारिक चैनलों के बन्दोबस्त का इंतजार करें।